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-प्रभाकर मणि तिवारी
पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भी चुनाव आयोग की ओर से सुनवाई की नोटिस भेजा गया है.
इसमें कहा गया है कि यह सुनवाई 16 जनवरी को दोपहर 12 बजे उनके आवास पर की जाएगी.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को बीरभूम जिले में अपनी जनसभा में ही इसका दावा किया था. उनका कहना था कि यह नोटिस सेन को परेशान करने के लिए भेजा गया है.
लेकिन तब मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने बताया था कि उनको ऐसा कोई नोटिस नहीं भेजा गया है. लेकिन बुधवार को शांतिनिकेतन स्थित उनके आवास प्रतीची में यह नोटिस भेजा गया.
इस नोटिस में कहा गया है, "एसआईआर के फार्म में आपकी ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़ आपकी और आपके पिता/माता की उम्र में महज 15 साल का अंतर है. आमतौर पर इसकी अपेक्षा नहीं की जाती."
इस तथ्यात्मक गलती को सुधारने के लिए उनसे जरूरी दस्तावेज़ तैयार रखने को कहा गया है.
बुधवार सुबह इलाके के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सोमब्रत बनर्जी ने दो अन्य लोगों के साथ सेन के आवास पर जाकर सुनवाई का नोटिस दिया.
अर्थशास्त्री सेन के एक परिजन शांतभानु सेन ने पत्रकारों को बताया, "अपने वकील से सलाह-मशविरा करने के बाद हमने नोटिस ले लिया है.’’
बीरभूम जिले के बोलपुर के वार्ड नंबर दो के रहने वाले अमर्त्य सेन अपने काम के सिलसिले में ज्यादातर समय विदेशों में ही गुजारते हैं.
शांतभानु का कहना है, "अमर्त्य सेन को सब लोग जानते हैं. इतने बुज़ुर्ग व्यक्ति को नोटिस भेजने का मक़सद उनको परेशान करना है.''
चुनाव आयोग ने 27 अक्तूबर 2025 को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर शुरू करने का एलान किया था.
इसी के तहत पश्चिम बंगाल में एसआईआर का काम कर चल रहा है. (bbc.com/hindi)


