ताजा खबर
रायपुर, 7 जनवरी। राज्य स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ संगठन के अध्यक्ष पद से स्वयं को हटाए जाने को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रूल बुक के हवाले से असंवैधानिक करार दिया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि रूल्स 64. 2 के अनुसार भारत स्काउट एंड गाइड्स के अध्यक्ष 5 वर्ष के लिए कंटिन्यू रहेंगे.....?
तो फिर यह षडयंत्र किया किसने सरकार को बदनाम करने की स्थिति निर्मित किसने की। किसकी है हटधर्मिता के कारण जनता के बीच पार्टी के बीच और सरकार के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की छवि को खराब करने का प्रयास किसने किया इस पर सरकार को गंभीरता से मंथन करना होगा?
अग्रवाल ने कहा कि आर पी वर्मा अवर सचिव स्कूली शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन का यह पत्र का अवलोकन करें जिसे बालोद जिला में आज 7 जनवरी 2026 को विभिन्न पोर्टल में और व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल किया जा रहा है....?
इस पत्र की बारीकी यह है कि छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव स्कूल में शिक्षा मंत्री को भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष मनोनीत करने की बात बताई जा रही है यह पत्र 13 दिसंबर 2025 का है. ?
लेकिन इस पत्र में यह कहीं नहीं दर्शाया गया है कि भारत स्काउट गाइड की केंद्रीय कमेटी और कार्य परिषद में जो बृजमोहन अग्रवाल को अध्यक्ष निर्वाचित किया उसे हटाने की बात कही गई है क्या छत्तीसगढ़ सरकार को यह अधिकार है कि वह निर्वाचित भारत इसका गाइड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष को पद से हटा सके. ....?
संचालक लोक शिक्षण विभाग छत्तीसगढ़ शासन नया रायपुर
२... अवर सचिव स्कूली शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन नया रायपुर
के पत्रों का भी अवलोकन करें....?
क्या संचालक लोक शिक्षण विभाग और अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के दिए गए मार्गदर्शन का पालन और भंडार क्रय नियम का पालन किया गया है. ....?
आखिर सरकार को बदनाम करने की नियत से किसने यह विवाद पैदा किया किसने किसको गुमराह किया क्या इसमें मुख्यमंत्री को भी गुमराह किया गया. ...?
यह नया रायपुर मंत्रालय से लेकर भाजपा सरकार में बैठे मंत्रियों के बीच और भाजपा नेताओं के बीच के साथ ही प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभिन्न समाचार पोर्टल और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर यह विवाद की स्थिति बनी क्यों सरकार इसको गंभीरता से लगी और इस विवाद को पैदा करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही करेगी. ...?
एजेंडा क्रमांक 4 राज्य के उप नियम में आवश्यक संशोधन एवं जिलों हेतु अप नियम बनाए जाने हेतु अनुमति....?



