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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 5 जनवरी। पंजाब के लुधियाना निवासी 74 वर्षीय हरमिंदर सिंह देशभर की पैदल यात्रा पर हैं। वे रविवार रात स्थानीय गुरुद्वारा पिथौरा पहुंचे, जहां उन्होंने विश्राम किया। हरमिंदर सिंह वर्तमान में रायपुर और नागपुर होते हुए नांदेड़ की ओर यात्रा कर रहे हैं। उनके अनुसार यह उनकी आठवीं पैदल यात्रा है।
स्थानीय गुरुद्वारा में ‘छत्तीसगढ़’ से बातचीत के दौरान हरमिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 से पैदल यात्राएं शुरू कीं। उन्होंने कहा कि पहले धर्म की रक्षा के लिए गुरुओं द्वारा त्याग किया गया था और वर्तमान समय में धर्म से जुड़े संदेश को आमजन तक पहुंचाने की आवश्यकता महसूस होने पर उन्होंने यह माध्यम चुना।
हरमिंदर सिंह के अनुसार, उनकी पहली यात्रा अमृतसर स्थित अकाल तख्त से शुरू होकर दमदमा साहिब होते हुए अयोध्या तक पैदल पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने विभिन्न यात्राओं के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंग, आनंदपुर साहिब, अंबाला, हेमकुंड साहिब, नानकपुरी तांडा, कोलकाता, पांच तख्त—नानक झीरा, नानक मत्ता, फतेहगढ़ साहिब तथा पीलीभीत सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।
गोरखपुर में योगी ने कराई व्यवस्था
हरमिंदर सिंह ने बताया कि गोरखपुर पहुंचने पर उनकी यात्रा की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर गोरखपुर में दर्शन और अन्य व्यवस्थाएं कराई गईं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के कुछ धार्मिक स्थलों पर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
उन्होंने बताया कि यात्राओं के दौरान वे दो बार अमरनाथ यात्रा भी कर चुके हैं।
पत्नी के निधन व बेटी की शादी के बाद बनी योजना
हरमिंदर सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी का निधन उस समय हो गया था, जब उनकी बेटी चार माह की थी। इसके बाद उन्होंने बेटी की शिक्षा पूरी कर उसका विवाह किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बाद उन्होंने धर्म से जुड़े उद्देश्यों के साथ यात्राएं शुरू कीं। उनके अनुसार, एक यात्रा सामान्यत: 12 से 13 माह में पूरी होती है और यात्रा पूर्ण होने के स्थान से ही अगली यात्रा आरंभ की जाती है।
सभी धर्मों के सम्मान की बात
हरमिंदर सिंह ने कहा कि वे हिंदू और सिख धर्म से जुड़े संदेश के उद्देश्य से यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि सभी धर्मों के गुरुओं की शिक्षाएं सत्य और अहिंसा पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का समान सम्मान होना चाहिए और धार्मिक विवाद उचित नहीं हैं।
फतेहगढ़ साहिब को लेकर सुझाव
हरमिंदर सिंह ने बताया कि वे सरहिंद स्थित फतेहगढ़ साहिब भी गए थे। उन्होंने कहा कि यह स्थान सिख इतिहास से जुड़ा है और वहां एक गुरुद्वारे के विकास की आवश्यकता है। यह उनका व्यक्तिगत मत है।



