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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 4 जनवरी। बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने 290.80 एकड़ जमीन के बदले केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 50.64 करोड़ रुपये की राशि भारत सरकार के खाते में जमा करा दी है। राशि जमा होने के बाद अब केवल औपचारिक रूप से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शेष है, जबकि सीमांकन पहले ही पूरा किया जा चुका है।
अब तक एयरपोर्ट के पास लगभग 350 एकड़ भूमि उपलब्ध थी। अतिरिक्त 290.80 एकड़ जुड़ने के बाद कुल रकबा 640.80 एकड़ हो गया है, जो 4-सी श्रेणी के एयरपोर्ट के लिए पर्याप्त माना जाता है। इससे बड़े विमानों के संचालन, रनवे विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए प्री-कमीशनिंग कार्य पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट प्रबंधन अब लाइसेंस के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को आवेदन भेजने की तैयारी में है। लाइसेंस स्वीकृत होने के बाद फरवरी–मार्च तक नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
एयरपोर्ट को 4-सी श्रेणी के अनुरूप विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके तहत रनवे विस्तार, नए टर्मिनल भवन, एटीसी सेंटर और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। एयरपोर्ट उन्नयन को देखते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और संबंधित मंत्रालयों से वित्तीय सहायता मिलने की संभावना है।
मालूम हो कि वर्ष 2025 में बिलासपुर एयरपोर्ट से हर माह औसतन करीब 8 हजार यात्रियों ने यात्रा की, जबकि सालाना यात्री संख्या लगभग एक लाख रही। लगातार बढ़ता यात्री दबाव यह संकेत दे रहा है कि भविष्य में बड़े टर्मिनल और विस्तृत रनवे की आवश्यकता और अधिक बढ़ेगी।
सेना की छावनी का प्रस्ताव निरस्त होने के बाद राज्य सरकार ने भूमि वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी। इसे लेकर राज्य शासन और केंद्रीय रक्षा अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हुई। 1012 एकड़ में से 290 एकड़ भूमि का सीमांकन चुनावी कारणों से अटका, जिसे चुनाव के बाद रक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूरा किया। पहले भेजे गए 90 करोड़ रुपये केंद्र ने लौटाए, इसके बाद रक्षा विभाग ने बाजार दर पर लगभग 70 करोड़ की मांग रखी। अंततः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और जनसंघर्ष समिति की दिल्ली में पहल के बाद 50.64 करोड़ पर सहमति बनी।
एयरपोर्ट के 4-सी श्रेणी में उन्नयन से बिलासपुर को बड़े विमानों की सीधी उड़ानें मिल सकेंगी। अब मुंबई जैसे प्रमुख रूट शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही कार्गो सेवाओं, औद्योगिक निवेश और रीजनल एविएशन हब के रूप में बिलासपुर के विकास को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।


