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हिमाचल प्रदेश में एक छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने यौन उत्पीड़न और रैगिंग का मामला दर्ज किया है.
छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ कॉलेज में रैगिंग हुई और कॉलेज के प्रोफ़ेसर ने यौन उत्पीड़न किया था.
पुलिस ने छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
कांगड़ा ज़िले के एसपी अशोक रत्तन ने बताया, "हमें एक शिकायत मिली थी, उसकी पुष्टि करने के बाद हमने गुरुवार (1 जनवरी) शाम शिकायत दर्ज कर ली है.... इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराएं और रैगिंग एक्ट के तहत धाराएं लगाई गई हैं."
उन्होंने बताया, "मृतका धर्मशाला की रहने वाली थीं. जांच अभी शुरुआती दौर में है. फ़ैकल्टी मेंबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप और सहकर्मियों पर रैगिंग के आरोप विचाराधीन हैं और इनकी पुष्टि की जा रही है."
पुलिस अधिकारी ने बताया, "20 तारीख़ की घटना सीएम हेल्पलाइन के ज़रिए रिपोर्ट हुई थी, हमने इसकी भी छानबीन की. उस समय यौन उत्पीड़न के आरोप नहीं शामिल थे. अभी इन आरोपों की पुष्टि की जा रही है."
उन्होंने यह भी बताया कि लड़की का इलाज सात विभिन्न अस्पतालों में हुआ है. पुलिस इलाज की जानकारी अस्पतालों से लेकर मौत के कारणों की जांच करेगी.
एसपी अशोक रत्तन ने जाति आधारित शोषण के आरोपों पर कहा कि 'एफ़आईआर उनके पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज हुई है. इसमें कहीं भी इस बात का ज़िक्र नहीं है कि लड़की के किसी ख़ास समुदाय के होने की वजह से रैगिंग हुई है.'
माता-पिता ने क्या कहा?
स्टूडेंट की मां ने अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने और इंसाफ़ की मांग की.
उन्होंने कहा, "मैं बस ये चाहती हूं कि जो भी इसमें शामिल हैं, वो पकड़े जाएं. मेरे बच्चे को इंसाफ़ चाहिए."
वहीं, उनके पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ मारपीट हुई, जिसके बाद वह डिप्रेशन में चली गई. उन्होंने कॉलेज के प्रोफ़ेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए.
पिता ने कहा, "मेरी बच्ची के साथ ग़लत हुआ है. इनके प्रोफ़ेसरों ने ऐसा किया है."
मारपीट की घटना के बारे में वह बताते हैं, "मेरे बच्चे ने मुझे फ़ोन करके बताया कि उसे लड़कियों ने मारा है. उसने लड़कियों का नाम बताया.... वह डरी हुई थी. उसको डराया गया." (bbc.com/hindi)


