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खुले बिजली वितरण बॉक्स बने जानलेवा, नियामक आयोग के निर्देशों के बाद भी लापरवाही जारी
03-Jan-2026 11:20 AM
खुले बिजली वितरण बॉक्स बने जानलेवा, नियामक आयोग के निर्देशों के बाद भी लापरवाही जारी

प्रदेशभर में जानवरों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

रायपुर, 3 जनवरी।छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के खंभों पर लगे खुले वितरण बॉक्स अब खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। प्रदेश के कई इलाकों में इन खुले बॉक्स की वजह से आए दिन पशुओं की करंट लगने से मौत हो रही है, वहीं आम नागरिकों के लिए भी यह स्थिति किसी हादसे को न्योता देने जैसी है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और कार सवारों के लिए यह खतरा तब और बढ़ जाता है, जब वाहन का संतुलन बिगड़ने पर सीधे इन बॉक्स से टकराने की आशंका रहती है।

इस समस्या को लेकर रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित किया था। आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 24 नवंबर को विद्युत वितरण कंपनी, सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक (संचालन एवं संधारण) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को दी जाए।

हालांकि, निर्देश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। प्रदेशभर में सैकड़ों की संख्या में वितरण बॉक्स आज भी खुले पड़े हैं और अब तक आयोग को कार्रवाई से संबंधित कोई ठोस रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई है।

सिंघवी ने बताया कि कई वितरण बॉक्स लंबे समय से खुले रहने के कारण उनके दरवाजे तक चोरी हो चुके हैं। कई बार बिजली कंपनी के कर्मचारी मरम्मत या सुधार कार्य के लिए बॉक्स खोलते हैं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें बंद किए बिना ही चले जाते हैं। यह लापरवाही जान-माल दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

सिंघवी ने मांग की है कि पूरे छत्तीसगढ़ में तत्काल एक प्रदेश स्तरीय अभियान चलाकर सभी खुले वितरण बॉक्स को सुरक्षित रूप से बंद किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही तय की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही हालात पर काबू पाया जा सके।


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