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बाकी 9 गावों से कोई शिकायत नहीं, प्रशासन ने मांगी दावा-आपत्ति
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 2 जनवरी। जिले में भारतमाला परियोजना के तहत चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। ढेका गांव को छोड़कर प्रभावित अन्य नौ गांवों से अब तक किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि कोई प्रभावित व्यक्ति भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आपत्ति दर्ज कराना चाहता है, तो वह 15 दिनों के भीतर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलासपुर के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
जिला कार्यालय के भूमि अधिग्रहण शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, ढेका गांव में पाई गई अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन पटवारी और तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
शेष नौ गांवों में जांच के दौरान यह नहीं पाया गया कि मुआवजा बढ़ाने के उद्देश्य से मूल भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित किया गया हो। भूमि के हस्तांतरण, विभाजन, डायवर्सन या नए निर्माण को लेकर भी कोई अनियमितता सामने नहीं आई, जिससे मुआवजे की राशि प्रभावित होती।
प्रशासन के अनुसार, मुआवजा अधिक पाने के लिए बैकडेट में फर्जी नामांतरण या विभाजन प्रकरण तैयार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। मुआवजा निर्धारण के समय भूमि पर स्थित संपत्तियों का विवरण सही तरीके से दर्ज किया गया, इस संबंध में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
जिला प्रशासन ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रभावित ग्रामीणों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है। निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।


