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9 जिलों में साइबर थाने खुलेंगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 दिसंबर। प्रदेश में साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इस कड़ी में पिछले 22 महीने में डिजिटल अरेस्ट, और आन लाइन ठगी के 990 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 217 लोगों की राशि वापस कराई गई है। खास बात ये है कि इसी बीच पुलिस ने करीब साढ़े 82 करोड़ रूपए साइबर अपराधियों तक पहुंचने से पहले होल्ड कराने में सफल रही है। इससे परे सरकार ने साइबर अपराध बढ़ती वारदातों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए 9 साइबर थाने, और 4 साइबर दफ्तर खोलने का फैसला लिया है। ये थाने खोलने की दिशा में कार्रवाई चल रही है।
गृह विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक देश भर में साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा है। पिछले 22 महीने में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आन लाइन ठगी, और डिजिटल अरेस्ट के कुल 990 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
बताया गया कि सबसे ज्यादा 164 प्रकरण रायपुर, और बिलासपुर में 159 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। बस्तर में 40, और सुकमा में एक प्रकरण दर्ज हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक अब तक 215 प्रकरणों में चालान पेश हो चुका है। कुल मिलाकर 1116 लोगों पर कार्रवाई की गई है। खास बात ये है कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से ऑनलाईन ठगी पर कार्रवाई करते हुए कुल साढ़े 82 करोड़ रूपए साइबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराया गया है।
बताया गया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए 9 नए थाने खोले जा रहे हैं। इनमें रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, जांजगीर-चांपा, जशपुर, और धमतरी शामिल है। इसके अलावा राजनांदगांव, रायगढ़, बस्तर, और सरगुजा में साइबर क्राइम कार्यालय खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है। रेंज स्तर पर साइबर फोरेंसिक क्षमता के विकास के लिए अत्याधुनिक नवीन हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदी की जा रही है। भारत सरकार की योजना के तहत 2782 पुलिस अधिकारी को साइबर-अपराध पर अन्वेषण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। पिछले दिनों डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस में भी साइबर-अपराध के नियंत्रण और कार्रवाई पर मंत्रणा हुई थी। इसके लिए अंतरराज्यीय पुलिस नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया।


