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-प्रभाकर मणि तिवारी
ममता ने इस पर चिंता जताते हुए बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठक कर उनको घर-घर जाकर ऐसे वोटरों की पुष्टि करने को कहा है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख छह हजार 295 वोटर थे. लेकिन ड्राफ्ट सूची में महज 1 लाख 61 हजार 509 लोगों के नाम हैं. यानी 44 हजार 786 लोगों के नाम इसमें नहीं हैं.
इलाके के बूथ नंबर 260 में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी वोट डालते हैं. वहां पहले 270 वोटर थे. लेकिन अब ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 127 है.
मंगलवार को राज्य सचिवालय से लौटने के बाद ममता ने बीएलए के साथ बैठक की. इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "विधानसभा क्षेत्र के अल्पसंख्यक बहुल 77 नंबर वार्ड में सबसे ज्यादा नाम कटे हैं. पार्टी के बीएलए और नेताओं से इस वार्ड पर खास ध्यान देने को कहा गया है."
उनका कहना था कि ममता बनर्जी ने बैठक में दावा किया कि 'उनके मतदान केंद्र में कुछ लोगों को मृत बताते हुए उनके नाम काट दिए गए हैं. ममता ने इस पर नाराजगी जताते हुए ऐसे वोटरों के तथ्य जुटाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर जीवित वोटरों को मृत बता कर उनके नाम सूची से कैसे हटाए जा सकते हैं?'
ममता बनर्जी ने इस दौरान वोटरों की मदद के लिए तृणमूल कांग्रेस की ओर से हर मोहल्ले में 'मे आई हेल्प यू शिविर' जारी रखने का निर्देश दिया है.
संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, "एक काउंसलर को मृतक बता दिया. यही है इलेक्शन कमीशन, उसने पूरी प्रक्रिया को मज़ाक बना दिया है. क्या एक भी घुसपैठिया मिला?"
ग़ौरतलब है कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल में ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी जिसमें 58 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं. (bbc.com/hindi)


