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डिजिटल अरेस्ट और फर्जी शेयर ट्रेडिंग में करोड़ों की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार
30-Nov-2025 3:52 PM
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी शेयर ट्रेडिंग में करोड़ों की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

डीएसआर आरजेएन फर्जी अरेस्ट एसपी आफिस


 गुरूग्राम, हरियाणा, एमपी में पुलिस दबिश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 30 नवंबर। डिजिटल अरेस्ट और फर्जी शेयर ट्रेडिंग के दो बड़े साइबर फ्रॉड का पुलिस ने खुलासा किया। मामले में 2 करोड़ से अधिक की ठगी करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कोतवाली थानांतर्गत डिजिटल अरेस्ट व शेयर ट्रेडिंग के नाम पर क्रमश: एक बुजुर्ग महिला और एक युवा व्यापारी से ठगी हुई थी। बताया गया कि डिजिटल अरेस्ट के मामले में साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी सीबीआई अधिकारी व जज बनकर प्रार्थिया को मनी लॉड्रिंग के केश में संलिप्त होने का भय दिखाकर वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने एवं केश से बचाने का झांसा देकर कुल 79 लाख 69 हजार 47 रुपए की ठगी की। वहीं शेयर ट्रेडिंग के मामलों में साइबर अपराधियों द्वारा एक युवा व्यापारी को फर्जी वेबसाईट का लिंक भेजकर ज्यादा मुनाफा दिलाने के नाम पर एक करोड़ 21 लाख 53 हजार 590 रुपए की ठगी किया था।

साइबर सेल राजनांदगांव और कोतवाली थाना द्वारा त्वरित कार्रवाई करते तकनीकी सहायता से दोनों मामले के 4 आरोपियों को गुरूग्राम हरियाणा व मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर क्षेत्र से धरदबोचा गया। दोनों प्रकरणों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, आधार, पैनकार्ड एवं 5 नग मोबाइल जब्त किया गया। पुलिस ने बताया कि अब म्यूल एकाउंट प्रोवाईडर के साथ-साथ खाता धारकों एवं बैंक खाता एकत्रित कर फ्रॉडस्टर को म्यूल खाता व सिम प्रदान करने वाले एजेंटों और फ्रॉड का रकम निकालने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

मिली जानकारी के अनुसार साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार एवं कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश के लिए निर्देश दिया गया। इस पर साइबर सेल द्वारा प्रार्थियों के बैंक मनीट्रेल और आरोपियों के बैंक डिटेल व अन्य तकनीकी मदद से जानकारी इक_ा कर गुरूग्राम हरियाणा व मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर रवाना हुए।  डिजिटल अरेस्ट के 01 आरोपी एवं शेयर टेड्रिंग के मामले में 03 आरोपियों को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया। दोनों प्रकरणों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, आधार, पैनकार्ड एवं 05 नग मोबाइल फोन जब्त किया गया।

पीडि़ता ने किया लाखों ट्रांसफर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात साइबर ठगों ने स्वयं को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में जज बतार 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर मनी लॉड्रिंग के केस में फंसे हो, कहकर डरा और डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते उनके खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करने से उनकी निर्दोषता साबित होने का भय बताया। पीडि़ता ने डर के कारण ठगों के बताए बैंक खातों में 79 लाख 69 हजार 47 रुपए ट्रांसफर कर दी।

प्रार्थिया की सूचना पर कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की। ठगी की रकम में से 2 लाख रुपए आरोपी द्वारा यश बैंक के खाते में प्राप्त किया था। टीम गुरूग्राम हरियाणा में दबिश देकर एक आरोपी राधेश्याम 20 वर्ष निवासी जिला जोधपुर राजस्थान को हिरासत में लिया।  आरोपी द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को गुरूग्राम हरियाणा के विभिन्न बैंकों में चेक व एटीएम के माध्यम से नगद निकालकर 02 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखकर बाकी  रकम को गिरोह को भेजता था। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी है।

ज्यादा फायदा को लेकर व्यापारी हुआ ठगी का शिकार

इसी तरह साइबर ठगों द्वारा स्वयं को फारेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर प्रार्थी आयुष अग्रवाल निवासी राजनांदगांव को रुपए दोगुना करने का लालच दिया। इन्वेस्टमेंट के लिए वाट्सअप के माध्यम से फर्जी वेबसाईट लिंकर भेजकर उस प्लेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरूआत में छोटा मुनाफा 15 हजार रुपए प्रार्थी के खाते में ट्रांसफर किए। इस प्रकार प्रार्थी को भरोसे में लिया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल एक करोड़ 21 लाख 53 हजार 590 रुपए विभिन्न खातों में जमा कराए।

ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे मांगे। बढ़े हुए रकम को प्रार्थी द्वारा विथड्रॉ करने की बात करने पर ठगों द्वारा बहाना बनाया। इससे प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ, फिर प्रार्थी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनीट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी और बंधन बैंक के खाता में ठगी की रकम 9 लाख रुपए ट्रांसफर की गई थी। जिसके खाताधारक धीरज सिंह  34 वर्ष निवासी अंजनी नगर काजीखेड़ी थाना पार्वती (मप्र) द्वारा अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी हेतु एक लाख 30  हजार रुपए कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था।  उक्त बैंक खाता को ठगों तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर 30 वर्ष निवासी मुकाती कॉलोनी बैंग ऑफ बड़ौदा के पास कनौद रोड आष्टा जिला सिहौर थाना आस्ठा जो कि खाता उपलब्ध कराने हेतु 2 प्रतिशत लेता था तथा डिम्पल यादव 22 वर्ष निवासी भिंडावास जिला झज्जर थाना छुछकवास (बीटेक सायबर सेक्यूरिटी का छात्र) ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में व 2.8 प्रतिशत कमीशन लेने का काम करता था। खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रूप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे।


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