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-विष्णु नारायण
बिहार , 14 सितंबर। बिहार के बेगूसराय ज़िले में 13 सितंबर (मंगलवार) की शाम सरेराह हुई गोलीबारी के मामले में कार्रवाई के तौर पर गश्ती दल के प्रमुख समेत 7 पुलिसकर्मियों के निलंबित करने की ख़बर आ रही है.
कल हुई इस घटना में एक के बाद एक 11 लोगों पर गोलीबारी हुई थी जिसमें एक की मौत हो गई थी.
इस गोलीबारी के खबरों में आते ही पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं. विपक्ष जहां इस घटना को सूबे में ‘जंगलराज की वापसी’ कह रहा है, वहीं सत्तापक्ष के प्रवक्ता इसे लीक से हटकर एक आपराधिक घटना कह रहे हैं.
यहां हम आपको बताते चलें कि बेगूसराय से गुज़रने वाले एनएच 28 पर कल शाम हुई गोलीबारी के ख़िलाफ़ बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह धरने पर बैठे गए हैं.
गिरिराज सिंह इस दौरान राज्य सरकार में बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर भी दिखे.
उन्होंने अलग-अलग मीडिया चैनलों से बातचीत में नीतीश कुमार को बीते दिनों की याद दिलाई कि कैसे वे राज्य के भीतर होने वाली आपराधिक घटनाओं के लिए लालू प्रसाद और राजद को ज़िम्मेदार ठहराते थे, लेकिन इन दिनों उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा. कैसे वे (नीतीश कुमार) धृतराष्ट्र बने हुए हैं.
इससे पहले, उन्होंने 14 सितंबर के लिए ‘बेगूसराय बंद’ का आह्वान भी किया था.
स्थानीय सांसद इस गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति (चंदन) के घर भी पहुंचे थे. उन्होंने अर्थी को कंधा भी दिया.
अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं अपराधी
वैसे तो बेगूसराय के भीतर बीते रोज (13 सितंबर) को हुई सरेराह गोलीबारी को अब तक लगभग 22 घंटे हो चुके हैं.
सीसीटीवी में पूरी घटना दर्ज होने के बावजूद पुलिस को इस पूरे मामले में अब तक कोई विशेष सफलता नहीं मिल सकी है.
पुलिस भले ही जगह-जगह छापेमारी और त्वरित कार्रवाई के दावे कर रही हो लेकिन सच यही है कि अब तक अपराधी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं. (bbc.com/hindi)


