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पुलिस समेत 15 को 34 लाख का चूना लगा दो कथित पास्टर फरार
14-Sep-2022 1:03 PM
पुलिस समेत 15 को 34 लाख का चूना लगा दो कथित पास्टर फरार

बैंक-खाद्य निरीक्षक-पटवारी पद पर सरकारी नौकरी लगाने का दिया था झांसा
भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव के पीडि़त आ रहे अब सामने

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 14 सितंबर।
 धर्म की आड़ में बैंक, खाद्य निरीक्षक, पटवारीं जैसे शासकीय निकायों में सीधी भर्ती कराने एवं मंत्रियों से अच्छी पहचान का झांसा देकर महिला आरक्षक और दो पुरुष आरक्षक सहित नौ लोगों से करीब 34 लाख की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले के आरोपी दो कथित पास्टर बताए गए हैं। 

महिला आरक्षक की रिपोर्ट पर छावनी पुलिस ने दोनों कथित पास्टर के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। दोनों आरोपी फरार हो गए हैं। 

छावनी टीआई विशाल सोम ने बताया कि दुर्ग आरक्षित केंद्र में आरक्षक रीता सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि सेक्टर-6 ईसाई समाज का चर्च बैपतीस चर्च में वर्ष 2019 की बैठक थी। चांपा-जांजगीर निवासी पास्टर नूतन कुमार चौहान और कानपुर उत्तर प्रदेश जेडियल लव बाय द लार्ड मिनिस्ट्री के पास्टर अंकित सिंह से सामाजिक विनती प्रार्थना में आए थे। यहीं दोनों आरोपी से प्रार्थना के बीच मुलाकात हुई। दोनों ने झांसा दिया कि उनकी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और मंत्रियों से बहुत अच्छी पहचान और पकड़ है। यहां तक दिल्ली में केंद्रिय मंत्रियों तक पकड़ है। वो आसानी से सैकड़ों युवाओं को बैंक, खाद्य निरीक्षक, पटवारी सहित अन्य शासकीय निकायों में सीधी भर्ती करा चुके है। 

आरोपी पास्टर नूतन कुमार चौहान और अंकित के झांसे में आरक्षक रीता सिंह आ गईं। नुतन चौहान ने रीता के छोटे भाई गुरजिन्दर सिंह और दो बहनों को नौकरी दिलाने सौदा किया। रीता ने नगद 6 लाख 76 हजार रुपए भाई और दोनों बहनों के लिए नूतन कुमार चौहान और अंकित सिंह के बैंक खाता में ट्रांसफर कर दिया। 

इसी तरह विश्वासी परिवार के साथियों ने भी अपने-अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी लगाने एवं पुलिस विभाग में प्रमोशन करने हेतु पास्टर नूतन चौहान व अंकित सिंह से चर्चा कर पैसे देने लगे। धीरे-धीरे लोगों द्वारा अब तक जो मामले सामने आए हैं कुल 34 लाख 16 हजार 600 रुपए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
 

आरोपियों ने 12 अगस्त 2019 को कोरबा बालको पुलिस थाना क्षेत्र के ग्रामीणों को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 8 लाख रुपए ठगा था। 

पुलिस ने बताया कि इसी प्रकार दुर्ग पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक बंसत नेताम ने अपने पुलिस साथी विरेन्द्र कुमार नागे, चित्रभान ध्रुवे, चित्रसेन का पैसा लेकर दोनों आरोपियों के खाते में ट्रांसफर किया। पुलिस विभाग राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक निवेदिता ढावरे ने अपने विभागीय प्रमोशन के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए नगद दिए। हीरा सिंह, महेश यादव, पप्पू यादव, ऋषि यादव ने भी उसके खाते में डलवा दिया।
 
आरोपियों ने गुरजिन्दर सिंह के लिए 1 लाख 57 हजार, सोनम साहू की नौकरी के लिए 3 लाख 6 हजार, पंकज कुमार से 2 लाख 84 हजार, माधुरी कोसले से 2 लाख 7 हजार, लतमन्ती चेलक से 96 हजार, पिंकी महानंद, रामू महानंद, आशा महानंद के लिए कुल 3 लाख 15 हजार, आरक्षक बंसत नेताम से विरेन्द्र कुमार नाग, चित्रमान धुर्वे, चित्रसेन के लिए कुल 7 लाख 59 हजार 995, आरक्षक निवेदिता ढावरे से 2 लाख 57 हजार, हीरा सिंह से 2 लाख 57 हजार, ज्ञानेश कुमार से 2 लाख 92 हजार, सुशील यादव से तीन सदस्य पप्पू यादव, महेश यादव और ऋषि यादव की नौकरी के लिए 5 लाख 76 हजार बैंक खाता में तथा पास्टर नूतन चौहान को नगद 9 लाख 6 हजार 500 एवं बैंक खाता में 6 लाख 40 हजार 500 सहित कुल लगभग 15 लाख 47 हजार तथा पास्टर अंकित सिंह के बैंक खाते में 18 लाख 69 हजार रूपये ट्रांसफर किए गए हैं।

 


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