कोण्डागांव
कोण्डागांव, 17 अप्रैल। जिला आयुष अधिकारी डॉ. ओमकेश्वरी मारकंडेय के मार्गदर्शन में आयुष विभाग द्वारा 16 अप्रैल को आयोजित स्वर्णप्राशन अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया। यह कार्यक्रम आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य बच्चों की प्रतिरक्षा शक्ति (इम्युनिटी), बुद्धि, स्मरण शक्ति एवं शारीरिक विकास को बढ़ाना है।
स्वर्णप्राशन, आयुर्वेद में वर्णित एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें शुद्ध स्वर्ण भस्म, घृत एवं मधु के साथ विशेष विधि द्वारा बच्चों को दिया जाता है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार यह प्रक्रिया बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायक होती है। कार्यक्रम के दौरान आयुष चिकित्सक डॉ वर्मा द्वारा अभिभावकों को स्वर्णप्राशन के लाभ, विधि एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने का भी संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित आयुर्वेद चिकित्सक डॉ सी बी वर्मा ने बताया कि स्वर्णप्राशन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ एवं सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य में रोगों से सुरक्षित रह सकें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों एवं बच्चों ने भाग लिया। निर्मला मेश्राम , ललीता देवांगन ,शबनम बेगम, कार्यकर्ता सहायिका आरजू सोढ़ी वर्षा कोर्राम मंजू देवगन योगेश्वरी देवांगन सहायक शिक्षक उपस्थित थी


