कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 21 फरवरी। केशकाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेंड्रावन में जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर दो दिवसीय नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता का भी विशेष संदेश दिया गया। आयोजन स्थल पर लगाए गए नशा मुक्ति अभियान के विशेष स्टॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जहां ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणाम एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। वही इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए गायत्री परिवार ने सभी महिलाओं को पौधा भी दिया गया।
महायज्ञ में सांसद भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित गायत्री परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता को सबसे बड़ा समाधान बताया।
कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की सबसे बड़ी लड़ाई नशे के खिलाफ है। नशे के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और कई मामलों में असमय मौतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नशा मुक्त समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
वहीं केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि समाज में जागरूकता बढऩे से सामाजिक बुराइयों पर नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है तथा ग्रामीणों की सजगता से बस्तर क्षेत्र सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर लक्ष्य केंद्रित जीवन अपनाने का संदेश दिया।
36 साल से नशा मुक्ति अभियान
चला रहे हैं सेवानिवृत्त शिक्षक
कार्यक्रम में पिछले 36 वर्षों से नशा मुक्ति अभियान चला रहे सेवानिवृत्त शिक्षक शंभू चांदेकर ने बताया कि वर्ष 1990 से वे गांव-गांव जाकर दीवार लेखन, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत को भी चिंता का विषय बताते हुए अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की।
200 बच्चों को विद्या संस्कार
नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के अवसर पर लगभग 200 बच्चों को विद्या संस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान सभी बच्चों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यज्ञ में सहभागिता भी की। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें संस्कारी बनने, बड़ों का सम्मान करने तथा सदैव सत्य और अच्छे मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
आयोजकों ने कहा कि यही बच्चे देश और समाज का उज्ज्वल भविष्य हैं, इसलिए उनमें अच्छे संस्कारों का विकास करना अत्यंत आवश्यक है। इस आध्यात्मिक आयोजन ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक जागरूकता को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस महायज्ञ के माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कार और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की इस पहल की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्रामवासी भी भारी संख्या में शामिल रहे ।


