जशपुर

धान खरीदी में अव्यवस्था पर बवाल, किसानों ने उठाए सवाल
28-Jan-2026 10:30 PM
धान खरीदी में अव्यवस्था पर बवाल, किसानों ने उठाए सवाल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जशपुरनगर, 28 जनवरी। जिले के फरसाबहार विकासखंड में संचालित धान उपार्जन केंद्रों पर टोकन, तौल और कथित अवैध वसूली को लेकर किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। गंझहियाडीह, सरईटोली सहित कई उपार्जन केंद्रों पर किसानों का कहना है कि उन्हें टोकन न मिलने और खरीदी प्रक्रिया में देरी के कारण परेशानी हो रही है। इस दौरान कई किसान धान से भरे ट्रैक्टरों के साथ मंडी परिसरों के बाहर प्रतीक्षा करते देखे गए।

इस संबंध में एसडीएम फरसाबहार ओमकारेश्वर सिंह ने बताया कि टोकन कटने में तकनीकी और व्यवस्थागत कारणों से समस्या आई है। उन्होंने कहा कि राजस्व, आरईएस, जल संसाधन सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगाकर टोकन काटने का कार्य किया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार 28 जनवरी से उपार्जन केंद्रों का सत्यापन कर संबंधित विभागों की निगरानी में धान खरीदी की जा रही है और दो दिनों में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों के अनुसार पंजीयन के बावजूद कई किसानों का पहला टोकन नहीं कट पाया है। उनका कहना है कि टोकन नहीं मिलने के कारण धान खरीदी शुरू नहीं हो सकी, जिससे परिवहन, मजदूरी और समय का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। किसानों ने बताया कि उन्हें दिनभर इंतजार करना पड़ रहा है।

गंझहियाडीह और कोनपारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों ने तौल प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित 40.680 किलोग्राम प्रति बोरी के बजाय 40.900 से 41.500 किलोग्राम तक धान लिया जा रहा है। किसानों के अनुसार इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि आपत्ति जताने पर तौल प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी परिसर में ट्रैक्टर प्रवेश के लिए पर्ची काटने के नाम पर 100 से 200 रुपये की राशि ली जा रही है। किसानों का कहना है कि भुगतान न करने पर ट्रैक्टर आगे नहीं बढऩे दिया जाता।

मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष यूडी मिंज उपार्जन केंद्र पहुंचे और किसानों से चर्चा की। उन्होंने गंझहियाडीह और सरईटोली केंद्रों का निरीक्षण किया। यूडी मिंज ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

निरीक्षण और चर्चा के दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, नवीना पैकरा, मोनू जैन, पूरन वर्मा (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष), संतोष यादव, पिंटू खान, त्रिलोचन यादव सहित किसान और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई पर अब सभी की नजर बनी हुई है।


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