अंतरराष्ट्रीय
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि मिडिल पावर देशों को 'महाशक्तियों' का फ़ेवर पाने के लिए आपस में होड़ नहीं करनी चाहिए.
कार्नी ने यह बात शनिवार को डबलिन में आयरलैंड के नेता से मुलाक़ात के दौरान कही. यह मुलाक़ात आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले हुई.
कार्नी ने कहा, "महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा वाली दुनिया में मध्यम शक्ति वाले देशों के पास एक विकल्प है. वे या तो फ़ेवर के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करें, या फिर मिलकर प्रभावशाली तीसरा रास्ता तैयार करें."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कनाडाई पीएम ने कहा कि कनाडा और यूरोपीय संघ की संयुक्त आबादी अमेरिका की आबादी से दोगुने से भी अधिक है.
उन्होंने कहा कि दोनों की संयुक्त अर्थव्यवस्था का आकार भी लगभग अमेरिका के बराबर है और उनका सामूहिक रक्षा बजट चीन के रक्षा बजट से दोगुना है.
कार्नी ने कहा कि छोटे देश समान सोच रखने वाले सहयोगी देशों के साथ साझेदारी करके अपनी ताक़त कई गुना बढ़ा सकते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और कनाडा के संबंधों में खटास आई है. इसके बाद से कनाडा अपनी निर्भरता अमेरिका से कम करने में लगा हुआ है. (bbc.com/hindi)


