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अमेरिका समेत 22 देशों ने ईरान को दी ये चेतावनी
12-Jun-2026 9:24 AM
अमेरिका समेत 22 देशों ने ईरान को दी ये चेतावनी

अमेरिका और कई यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान को चेतावनी दी कि वह उनके देशों की ज़मीन पर लोगों को निशाना बनाना बंद करे.

इन देशों ने अपने यहां लोगों पर हमले की कथित साजिशों को अंजाम देने के लिए ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों की निंदा भी की है.

बयान में ईरान की सुरक्षा एजेंसियों पर आरोप लगाया गया है कि वे यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में योजनाओं को अंजाम देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं.

इन देशों ने उन हमलों का भी जिक्र किया है, जिनमें यहूदी समुदायों, ईरानी पत्रकारों और अमेरिकी पत्रकारों को निशाना बनाया गया था. इन हमलों की ज़िम्मेदारी "हरकत असहाब अल-यमीन अल-इस्लामिया" नामक समूह ने ली है, जिसे कथित तौर पर ईरान समर्थक बताया गया है.

यह अपेक्षाकृत कम चर्चित समूह लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके़ में स्थित सिनेगॉग (यहूदी धर्म के अनुयायियों का प्रार्थना और पूजा स्थल है) और सामुदायिक केंद्रों में आगजनी की कई घटनाओं की ज़िम्मेदारी भी ले चुका है. गोल्डर्स ग्रीन लंदन के सबसे बड़े यहूदी समुदायों में से एक का केंद्र माना जाता है.

इस समूह ने हाल के महीनों में यूरोप में हुई कुछ अन्य घटनाओं की ज़िम्मेदारी भी ली थी, जिनमें बेल्ज़ियम के लीज शहर के एक सिनेगॉग पर हमला और नीदरलैंड में हुए विस्फोट शामिल हैं. इन विस्फोटों का निशाना रॉटरडैम का एक सिनेगॉग और एम्स्टर्डम का एक यहूदी स्कूल था.

ईरान ने हमेशा इन हमलों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.

लंदन में यहूदी समुदायों के ख़िलाफ़ हालिया हमलों के बाद ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी कर आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, "ईरान की जनता और सरकार किसी भी प्रकार के यहूदी-विरोध (एंटीसेमिटिज़्म) को पूरी तरह अस्वीकार करती है. ब्रिटिश सरकार ने अब तक इस संबंध में सबूत या दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के ईरान के किसी भी अनुरोध का जवाब नहीं दिया है."

यह संयुक्त बयान अल्बानिया, ऑस्ट्रेलिया, बेल्ज़ियम, ब्रिटेन, बुल्गारिया, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, आयरलैंड, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, उत्तरी मैसिडोनिया, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन और अमेरिका की ओर से जारी किया गया है.

बयान में कहा गया है, "किसी देश की धरती पर व्यक्तियों की हत्या, अपहरण, उत्पीड़न, डराने-धमकाने या किसी अन्य प्रकार के हमले की कोशिश राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है. ऐसे कदम तुरंत बंद किए जाने चाहिए." (bbc.com/hindi)


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