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इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि उनकी सेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित ऐतिहासिक और रणनीतिक ब्यूफ़ोर्ट क़िले पर क़ब्ज़ा कर लिया है. इस जगह को शाकिफ़ के नाम भी जाना जाता है.
रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने यह भी कहा कि दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ इसराइली सेना के ज़मीनी अभियान का विस्तार हो रहा है.
उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल और एक्स हैंडल पर लिखा, "ब्यूफ़ोर्ट की लड़ाई के 44 साल बाद और ऑपरेशन पीस फ़ॉर गैलिली (पहला लेबनान युद्ध 1982) में मारे गए सैनिकों की याद में मनाए जाने वाले दिन, आईडीएफ़ के सैनिक एक बार फिर इस क़िले में लौटे और वहां इसराइली झंडा फहराया."
इसराइल कात्ज़ ने कहा, "इसराइली सेना ने लेबनान में अपने अभियानों का विस्तार किया है. सेना ने लिटानी नदी को पार किया और ब्यूफ़ोर्ट पर क़ब्ज़ा कर लिया."
इसराइल रक्षा मंत्री ने गैलिली क्षेत्र को बस्तियों की रक्षा करने और सेनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक बताया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, रविवार सुबह न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी ने इस क़िले की तस्वीरें ली हैं. इन तस्वीरों में क़िले के ऊपर इसराइली सेना का झंडा फहराता हुआ दिखाई दे रहा है.
हालांकि, आसपास के इलाक़ों में गोलीबारी की आवाज़ भी सुनी जा सकती थी और धुएं का ग़ुबार देखा जा सकता था.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, इस क़िले से दक्षिणी लेबनान का बड़ा हिस्सा दिखाई देता है और इसे सैन्य नज़रिए से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.
इससे पहले इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान पर अपने क़ब्ज़े के दौरान इस क़िले का इस्तेमाल एक अड्डे के रूप में किया था. यह लगभग दो दशकों तक चला और साल 2000 में समाप्त हुआ. (bbc.com/hindi)


