अंतरराष्ट्रीय
जर्मनी में तैनात अमेरिकी सेना की वापसी से इलाके में हजारों लोगों की नौकरियां खत्म होंगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जर्मनी से 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने की धमकी दी है. बुधवार को छपी एक रिसर्च स्टडी में नौकरियां खत्म होने की बात कही गई है.
लाइबनिज सेंटर फॉर यूरोपीयन इकोनॉमिक रिसर्च (जेडईडब्ल्यू), कोलोन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में पता चला है कि हरेक सैनिक की वापसी का नतीजा प्रभावित क्षेत्र में दूरगामी नतीजों के रूप में एक आदमी की नौकरी को खत्म करेगा.
यह रिसर्च 1990 में शीतयुद्ध खत्म होने के बाद जर्मनी से 20,000 सैनिकों की वापसी पर आधारित है. उसकी वजह से तब इलाके को बड़ा आर्थिक झटका लगा था. रिसर्चरों ने इसे समझाते हुए कहा है कि अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों का उपभोग खत्म होने की वजह से कारोबार का टर्नओवर घटता है. इसका असर इलाके के कमजोर श्रम बाजार पर सबसे ज्यादा होता है. इतना ही नहीं सार्वजनिक खर्च का भी नुकानस होता है. प्रभावित इलाके और उसकी आसपास की म्युनिसिपल्टियों का राजस्व घटेगा जिसका असर उनके बजट पर होगा.
रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि नकारात्मक नतीजे कुछ समय के लिए बने रहते हैं. सैनिक अड्डा बंद होने के बाद नौकरी गंवाने वाले कामगारों को बाद के कई सालों तक पर्याप्त काम के मौके नहीं मिलते और उनकी आय पर दीर्घकालीन असर पड़ता है. (dw.com/hi)


