अंतरराष्ट्रीय
नखचिवन ऑटोनॉमस इलाके में ड्रोन हमले के बाद अज़रबैजान 'जवाबी कार्रवाई' की तैयारी में है.
अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने इस इलाके में ईरानी ड्रोन हमला होने की बात कही है.
मंत्रालय ने कहा, "एक ड्रोन नखचिवन ऑटोनॉमस रिपब्लिक में एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग पर गिरा, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा."
अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इसका बदला लेने की बात कही है. अज़रबैजान का दक्षिणी एयरस्पेस, जो ईरानी बॉर्डर के पास है, उसे 12 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है.
अज़रबैजान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह उस ड्रोन की जांच कर रहा है, जिसका इस्तेमाल हमले में किया गया.
ईरान ने क्या कहा?
ईरानी सेना ने अज़रबैजान के नखचिवन में एयरपोर्ट और स्कूल के पास ड्रोन लॉन्च करने से इनकार किया है. ईरान ने हमले के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है.
ईरानी विदेश मंत्री ने इसे ईरान के अपने पड़ोसी के साथ रिश्तों को नुक़सान पहुंचाने की इसराइल की कोशिश बताया.
अज़रबैजान में कोई अमेरिकी बेस नहीं
मध्य पूर्व मामलों के डिज़िटल एडिटर राफ़ी बर्ग लिखते हैं कि खाड़ी देशों और इराक के कुर्दिस्तान इलाके के उलट, अज़रबैजान में कोई अमेरिकी बेस नहीं है, जिससे यह सवाल उठता है कि उस पर हमला क्यों किया गया.
बर्ग के मुताबिक इसका एक जवाब यह हो सकता है कि ईरान के उत्तर-पश्चिम सीमा पर अज़रबैजान, इसराइल और अमेरिका का क़रीबी रणनीतिक पार्टनर है.
अज़रबैजान एक सेक्युलर लेकिन शिया मुस्लिम-बहुल देश है.
अज़रबैजान इसराइली हथियारों का एक बड़ा खरीदार है, इसराइल काफी मात्रा में अज़रबैजान का तेल आयात करता है. ऐसा माना जाता है कि दोनों देश इंटेलिजेंस के मामले में, ख़ासकर ईरान पर नज़र रखने के मामले में, मिलकर काम करते हैं.
ईरान लंबे समय से अज़रबैजान पर इसराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद को अपने इलाके में काम करने देने का आरोप लगाता रहा है, जिसमें मोसाद एजेंटों को ईरानी न्यूक्लियर साइंटिस्ट को मारने में मदद करना भी शामिल है, इस आरोप से अज़रबैजान ने साफ़ इनकार किया है. (bbc.com/hindi)


