अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में फ़ेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स की गोली से एक और व्यक्ति की मौत पर पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने प्रतिक्रिया दी है.
मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंट्स की गोली से शनिवार को 37 साल के एलेक्स प्रेटी नाम के एक नर्स की मौत हो गई. तीन हफ़्ते से कम समय में अमेरिका में ये दूसरी घटना है.
इसके बाद अमेरिका के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए.
इसी महीने आठ जनवरी को 37 साल की रेनी निकोल गुड को एक अन्य इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफ़ोर्समेंट (आईसीई) एजेंट ने गोली मार दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी.
बिल क्लिंटन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिका के लोगों से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया जा रहा है, पीटा जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज अमेरिकी लोग अपनी आज़ादी खो देते हैं, तो शायद उन्हें वह आज़ादी कभी वापस न मिले.
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन "हर चीज़ की समीक्षा" कर रहा है.
न्यज़पेपर वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए अपने बयान में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह शहर से इमिग्रेशन एजेंट्स को हटा लेंगे, लेकिन ऐसा कब किया जाएगा, इस बारे में उन्होंने फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं दी है. (bbc.com/hindi)


