अंतरराष्ट्रीय
ग़ज़ा के लिए ट्रंप प्रशासन के नए 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए अमेरिका के न्योते को संयुक्त अरब अमीरात ने स्वीकार कर लिया है.
यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, "उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अमेरिका के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए बोर्ड ऑफ़ पीस में शामिल होने पर सहमति जताई है."
बयान के अनुसार, "शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने कहा कि यूएई का यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय शांति योजना को पूरी तरह लागू करने की अहमियत को दर्शाता है."
उन्होंने कहा कि यह योजना 'फ़लस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को साकार करने' के लिए अहम है.
उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर यूएई के भरोसे को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि अब्राहम समझौता इसका एक ऐतिहासिक उदाहरण है.
शेख़ अब्दुल्ला बिन जायद ने यह भी कहा कि यूएई बोर्ड ऑफ़ पीस के मिशन में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए तैयार है, ताकि सभी के लिए सहयोग, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके.
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस, चीन, भारत समेत कई देशों को इस परियोजना में शामिल होने का न्योता भेजा है. (bbc.com/hindi)


