गरियाबंद

सरस्वती महायज्ञ, वैदिक मंत्रों से गूंजा संत समागम स्थल
14-Feb-2026 6:24 PM
सरस्वती महायज्ञ, वैदिक मंत्रों से गूंजा संत समागम स्थल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजिम, 14 फरवरी। राजिम कुंभ कल्प मेला के संत समागम स्थल पर शुक्रवार को आध्यात्मिक उल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरस्वती महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। दंडी स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ महाराज के मंडप में सम्पन्न इस यज्ञ में स्कूली छात्र-छात्राओं ने श्रद्धा और अनुशासन के साथ समिधा अर्पित कर अनुष्ठान को पूर्ण किया।

यज्ञ में सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा के 75, सरस्वती शिशु मंदिर राजिम के 45 तथा नवकार पब्लिक स्कूल के करीब 50 विद्यार्थियों ने सहभागिता निभाई। संतों के सानिध्य में विद्यार्थियों ने वैदिक विधि-विधान से आहुतियां अर्पित कीं। पूरे परिसर में या कुंदेन्दु तुषारहार धवला के मंत्रोच्चार से माता सरस्वती की आराधना की गई।

इस अवसर पर चक्र महामेरू पीठम के स्वामी दंडी महाराज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही जीवन को सफल बनाता है। ज्ञान और आध्यात्मिकता का संतुलन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया।

विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और धर्म के प्रति आस्था मजबूत होती है। मां सरस्वती से बुद्धि, विवेक और विद्या की कामना करते हुए विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से यज्ञ में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ महाराज द्वारा प्रतिवर्ष सरस्वती यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सद्विचारों का प्रसार होता है। यज्ञ संपन्न होने के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।


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