गरियाबंद

चार कुंभ के बाद पांचवा कुंभ कल्प राजिम-राम बालक दास
14-Feb-2026 6:22 PM
चार कुंभ के बाद पांचवा कुंभ कल्प राजिम-राम बालक दास

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजिम, 14 फरवरी। कुंभ कल्प मेले में संत समागम का वृहद पंडाल और साधु संतों की उपस्थिति लोगों को धर्म आध्यात्मिक से जोडऩे का काम कर रही है। श्री पाटेश्वर सेवा संस्थान बाल योगेश्वर श्रीराम बालक दास जी महायोगी प्रतिदिन हनुमत महायज्ञ का आयोजन कर रहे हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं। यज्ञ कुंड में आहुति डाली जा रही है और सर्वे भवंतु सुखिनरू की भावना को लेकर यह आयोजन किया जा रहा है।

मीडिया से बातचीत करते हुए बाल योगेश्वर राम बालक दास महाराज ने कहा कि वेद पुराण में चार जगह ही कुंभ है इसलिए इसे राजिम कुंभ कल्प का नाम दिया गया है। कल्प का मतलब छोटा होता है अर्थात कुंभ का छोटा रूप कल्प कुंभ है। उन्होंने बताया कि 21 साल पहले मुझे छत्तीसगढ़ शासन की ओर से जिम्मेदारी मिली थी कि मैं पूरे भारत भर के संतों से आज्ञा लेकर आऊं, हस्तलिखित अखाड़े के संतों को आमंत्रित किया। 6 महीने तक पूरा भारत घूमता रहा और संतों का आशीर्वाद लाया। यह 15 दिन के मेले में एक सप्ताह का संत समागम होता है। उन्होंने बताया कि राजिम कुंभ कल्प 2026 शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है मां कौशल्या धाम बालोद के द्वारा हनुमत यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित मानस मंडलियों के द्वारा रामचरित्र मानस का आयोजन हो रहा है। भक्तों के आने-जाने का तांता  लगा हुआ है। राजिम कुंभ एक ऐसी जगह है जहां पर धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संगम होता है वैसे तो तीन नदियों का संगम है लेकिन हमारे पूरे समुदाय तथा हिंदू समाज का संगम होता है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। राजिम कुंभ कल्प में इस बार मां कौशल्या का दरबार सजाया गया है। माता कौशल्या का विश्व में कोई बड़ा धाम, मंदिर या फिर तीर्थ नहीं है। बालोद जिला में 35 करोड़ की लागत से मंदिर बनकर तैयार हो गया है।


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