दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 28 मई। शहर में लगातार गहराते जलसंकट को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने संकटग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बताया कि शहर के कई तालाबों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जबकि अधिकांश बोर या तो सूख चुके हैं या खराब पड़े हैं।
भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रही जनता की परेशानी को देखते हुए अरुण वोरा ने नगर निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल तालाबों में पानी भरने और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
नलों की पतली पानी की धार व निस्तारी के लिए पानी का अभाव से शहर की जनता जलसंकट से जूझ रही है। शासन एवं निगम प्रशासन सुशासन तिहार अभियान में फोटोशूट कराने में व्यस्त है। जब पूर्व विधायक सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत से मिलने पर बताया कि निगम द्वारा पानी की मांग का पत्र नहीं पहुंची। अगर मांग की जाती तो हम नहरों के माध्यम से नदी व तालाबों के लिए पानी छोड़वा देते। वोरा ने यह भी बताया कि ठगड़ा बांध में पानी न होने से आसपास के 10 वार्ड के बोर का जलस्तर नीचे चला गया है। पटरी पार एरिया सहित बस्तियों के बोर सूख रहे हैं। सरकारी बोर टूटे पड़े है उसे जल्द सुधारा जाए, साथ ही निगम टेंकर की संख्या बढाए जिससे जनता को जलसंकट से मुक्ति मिले।
वोरा ने नगर निगम और सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री आशुतोष सारस्वत से चर्चा करते हुए कहा कि शहर के 24 तालाबों का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे तालाबों के आसपास रहने वाले लोगों के सामने निस्तारी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि बड़ी आबादी आज भी तालाबों पर निर्भर है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण बोरसी, पोटिया, ठगड़ाबांध, दीपक नगर और कातुलबोड जैसे क्षेत्रों के तालाबों में समय पर पानी भरने का काम शुरू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि शिवनाथ नदी का जलस्तर भी लगातार घट रहा है, जिससे बोरों का वाटर लेवल तेजी से डाउन हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि तालाबों की सफाई, रिपेयरिंग, नहरों की टूट-फूट और लीकेज को तत्काल सुधारा जाए, ताकि बांध से छोड़ा गया पानी शहर के सभी तालाबों तक आसानी से पहुंच सके।


