दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 23 मई। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, राजनांदगांव द्वारा आयोजित जिला स्तरीय व्यापारी महाधिवेशन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। महाधिवेशन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में व्यापार, उद्योग, जीएसटी, स्वदेशी अभियान एवं विकसित भारत 2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद संतोष पांडेय उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के जिला अध्यक्ष कमलेश बैद ने सभी अतिथियों एवं व्यापारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महाधिवेशन व्यापारियों को एक मंच पर लाकर संवाद, समाधान और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
महाधिवेशन में प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे हैं। यदि देश का धन देश में रहेगा, भारतीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापारी मजबूत होंगे, तभी भारत वास्तविक रूप से आर्थिक महाशक्ति बनेगा।
उन्होंने कहा स्वदेशी केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार है। जब हम भारतीय उत्पाद खरीदते हैं, तब हम किसी व्यापारी की दुकान नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी व्यवस्था पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा जो व्यापारी पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं, उन्हें किसी प्रकार से डरने की आवश्यकता नहीं है। कार्रवाई केवल उन लोगों पर होती है जो गलत तरीके अपनाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में व्यापारी वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने व्यापारियों से संगठित होकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के माध्यम से ही समाज और प्रदेश मजबूत बनता है तथा सरकार व्यापारिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाधिवेशन में व्यापारिक समस्याओं, जीएसटी सरलीकरण, उद्योग विस्तार, डिजिटल व्यापार, स्थानीय बाजारों की चुनौतियों एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिले के अनेक व्यापारी प्रतिनिधि, उद्योगपति और चेंबर पदाधिकारी उपस्थित रहे।


