दुर्ग
तिलहनी फसलों के रकबा में भी विस्तार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 24 फरवरी। जिले में दलहनी फसलों का रकबा गत वर्ष की तुलना में साढ़े चार हजार हेक्टेयर तक बढ़ा है। जारी रबी में जिले के किसान 24662 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दलहनी फसलें ले रहे हैं, जबकि गत रबी सीजन में दलहनी फसलों का रकबा 20181 हेक्टेयर तक ही था। वहीं तिलहनी फसलों के रकबा में भी विस्तार हुआ है।
जानकारी के अनुसार दलहनी फसलों में सबसे ज्यादा तिवड़ा का रकबा 2491 हेक्टेयर बढ़ा है। गत वर्ष जिले में मात्र 6701 हेक्टेयर में तिवड़ा की फसल थी जो इस बार बढक़र 9192 हेक्टेयर हो गया है। इसी प्रकार चना 14600 से 14625, मूंग 51 से 55, उड़द 25 से 35, मटर 40 से 48 हेक्टेयर तक बढ़ गया है। मात्र मसूर के रकबे में थोड़ी गिरावट आई है, यह 807 से घटकर 708 हेक्टेयर हो गया है।
जारी रबी में तिलहनी फसलों के रकबे में गत वर्ष के मुकाबले 1174 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। गत रबी में कुल 4408 हेक्टेयर में विभिन्न प्रकार की तिलहनी फसलें ली गई थी। यह जारी रबी में 5583 हेक्टेयर तक जा पहुंचा है। तिलहनी फसलों में सर्वाधिक सरसों के रकबा में विस्तार हुआ है। जिले में गत वर्ष 4344 हेक्टेयर में सरसों की फसल ली थी। इस साल जिले के किसानों ने 5452 हेक्टेयर में सरसों की फसल ली है जो गत वर्ष की तुलना में 1108 हेक्टेयर अधिक है। इसी प्रकार अलसी 34, मूंगफल्ली 27, तिल 4 एवं सूर्यमुखी के रकबे में 2 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।


