दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 24 फरवरी। जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवनरेखा। जब यह जल स्वच्छ और संरक्षित रहता है, तो केवल पर्यावरण ही नहीं, समाज का सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन भी सुदृढ़ होता है। इसी विचार को साकार रूप देते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों, तालाबों, झीलों और समुद्री तटों की निस्वार्थ भाव से स्वच्छता एवं संरक्षण का व्यापक अभियान आज जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश है।
स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन के तहत सोमवार को सेक्टर 8 स्थित नहर के पास सफाई अभियान किया गया।
संत निरंकारी मिशन ब्रांच दुर्ग भिलाई द्वारा स्वच्छ जल स्वच्छ मन अभियान के अंतर्गत सेक्टर 8 नहर के पास सघन सफाई अभियान किया। यह अभियान जहां स्वच्छता का संदेश दे रहा था वही मानव को प्रकृति, समाज व आत्मा से भी जोड़ रहा है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में भारतवर्ष के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।
सफाई अभियान के पश्चात आयोजित सत्संग कार्यक्रम में ब्रांच संयोजक सतपाल सैनी ने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु तन-मन-धन को निराकार की देन मानते हुए निष्कपट भाव से सेवा में जुड़े है, जब सेवा स्वार्थरहित होती है, तभी वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। अंत में यही कामना की गई कि बाबा जी की शिक्षाएँ प्रत्येक हृदय में जीवित रहें और हेल्थ सिटी जैसे प्रकल्प मानवता की भलाई के नए आयाम स्थापित करें। यह जानकारी सहायक जनसम्पर्क अधिकारी शंकर सचदेव ने दी।


