दुर्ग

मनरेगा में मात्र 18 हजार मजदूरों को मिल रहा रोजगार-जिपं सदस्य साहू
16-Feb-2026 5:27 PM
मनरेगा में मात्र 18 हजार मजदूरों को मिल रहा रोजगार-जिपं सदस्य साहू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 16 फरवरी
। जिले में मनरेगा के तहत मात्र 18 हजार 930 मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। 300 में से 52 ग्राम पंचायतों में तो काम ही नहीं चल रहा है। ऐसे में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की तलाश में भटकना पड़ रहा है। पाटन विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू का कहना है कि इस समय अन्य वर्षों में उनके ग्राम भनसुली में 5 से 6 सौ मजदूर मनरेगा के तहत कार्यरत रहते थे मगर वर्तमान में सौ से डेढ़ सौ मनरेगा मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। गांव-गांव में मनरेगा मजदूर रोजगार की मांग कर रहे हैं मगर मांग के अनुरूप कार्य शुरू नहीं किए जा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य दानेश्वर साहू का कहना है उनके क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूर कार्य की मांग कर रहे हैं मगर ज्यादा मजदूरों को काम मिल सके ऐसे कार्य शुरू नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सामान्य स्थिति में फरवरी के महीने में जिले में मनरेगा के तहत 40 से 50 हजार मजदूर कार्यरत रहते हैं जबकि वर्तमान में इसके आधे को भी मजदूरी नहीं मिल रही है। जानकारी के अनुसार जिले के धमधा जनपद पंचायत अंतर्गत 119 में 85 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न कार्यों में कुल 7265 मजदूरों को ही रोजगार मुहैया हो पा रहा है। इसी प्रकार पाटन क्षेत्र के 108 में से 96 ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों में 6907 एवं दुर्ग ब्लाक के 73 में से 67 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों में 14 फरवरी की स्थिति में 4756 मजदूर कार्यरत है।


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