दुर्ग

हाफ बिजली बिल योजना में कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार का फूंका पुतला
08-Aug-2025 9:58 PM
हाफ बिजली बिल योजना में कटौती के विरोध  में कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार का फूंका पुतला

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 8 अगस्त।
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस ने 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल समाप्त करने पर विद्युत विभाग के जिला कार्यालय में विद्युत मंडल के  प्रमुख अधिकारियों को ज्ञापन की जगह लालटेन सौंपकर विरोध जताया गया। 400 यूनिट की सीमा को समाप्त कर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने को लेकर लोगों में आक्रोश है, जिसे लेकर इस दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार की पुतला दहन कर नारेबाजी करते हुए जंगी प्रदर्शन किया।

जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रधानमंत्री के उद्योग पति मित्र को छत्तीसगढ़ के जंगल, जमीन, कोयला, बिजली बेचकर छत्तीसगढ़ में लालटेन युग लाना चाहती है। छत्तीसगढ़ राज्य कोयला उत्पादक राज्य होने के कारण कम लागत में अधिक उत्पादन करने वाला अग्रणी राज्य है। 2014 के बाद से प्रधानमंत्री के मित्र उद्योगपति की नजर यहां की सरप्लस बिजली और कोयले के प्रचुर भंडार के दोहन पर केंद्रित रहा है। 

सरप्लस बिजली होने के बाद यहां की जनता को अडानी अंबानी की सौर ऊर्जा उपकरण लगाने के लिए जनता को बाध्य किया जा रहा है। ताकि यहां के कोयले के भंडार का अडानी दोहन कर सके और सरप्लस बिजली को अडानी महाराष्ट्र एवं गोवा जैसे राज्यों में महंगी बेचकर मुनाफा कमा सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह 300 के घरेलू गैस सिलेंडर का विरोध करने वाली भाजपा ने बड़ा खिलाफी कर गैस का दाम 1000 किया तो ग्रामीण, गरीब, दुर्बल परिवार ने वापस चूल्हा, सिगड़ी उपयोग करना शुरू कर दिया। वैसे ही अब पहले बिजली की दरों वृद्धि के कारण और अब बिजली बिल हॉफ की योजना को समाप्त करने से सरप्लस बिजली के राज्य में लालटेन और चिमनी युग शुरू हो जाएगा।  

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में महत्वाकांक्षी  योजना बिजली बिल हाफ योजना लागू की गई जिससे हर परिवार को सालाना 40 से 50 हजार की बचत होती थी। लेकिन भाजपा की सरकार योजना को समाप्त कर अडानी अंबानी के सौर ऊर्जा को लगाने बाध्य कर रही है। एकल बत्ती कनेक्शन वाले को भी सामान्य बिजली बिल देना पड़ेगा। यही नहीं पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों को अनाप-शनाप बिजली बिल दिया जा रहा है। जैसे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में विद्युत वितरण कंपनी अडानी को दे दिया गया है। वैसे ही यहां भी जंगल, जमीन, मालगाड़ी, कोयला देने के बाद छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी को भी अडानी को सौंपने या सस्ते दामों में बेचने की तैयारी है।

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि 20 से 22 लाख उपभोक्ता इसके दायरे से बाहर हो जाएंगे। सरकार का दावा है कि संशोधित योजना से 45 लाख उपभोक्ताओं में से 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को पूर्ववत लाभ मिलता रहेगा।
 इनमें बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुक्त बिजली भी जारी रहेगी। सरकार ने पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना लागू की है। लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए सोलर पैनल लगाना आसान नहीं है। भले ही सरकार सब्सिडी दे रही हो लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि बिजली सब्सिडी लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती। बिजली बिल हाफ योजना में कटौती को लेकर आम उपभोक्ताओं में गुस्सा है। यह आम लोगों से जुड़ा हुआ मसला है।

 

इस दौरान पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र साहू, धीरज बाकलीवाल, आरएन वर्मा, दीपक दुबे, संजय कोहले,  नासिर खोखर, राजीव गुप्ता, शिवकुमार वर्मा, दुर्गा गजभिए, प्रकाश ठाकुर, प्रमोद राजपूत, देवेन््द्र देशमुख, झमित गायकवाड़, रिवेन्द्र यादव, राकेश हिरवानी, नागमणि साहू, सरोजनी चन्द्राकर, उमाकांत चन्द्राकर, जामवंत गजपाल, विक्रांत अग्रवाल, गोपी निर्मलकर, रज्जाक खान, पालेश्वर ठाकुर, लोचन यादव, श्यामा मनहर,   राजकुमार पाली, अजय मिश्रा, रत्ना नारमदेव, आनंद ताम्रकार, दिवाकर गायकवाड़, हरेन्द्र देव, द्वारिका साहू, मुकेश साहू, तिलक राजपूत, सुनीत घोष, संदीप वोरा, देवेंद्र सिंगौर, हेमू ठाकुर, लक्की यदु सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।


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