दुर्ग

शिवजी हमारे सखा और तारणहार भी हैं, जो हमें इस मृत्युलोक से पार करा देते हैं- प्रदीप मिश्रा
04-Aug-2025 6:17 PM
शिवजी हमारे सखा और तारणहार भी हैं, जो हमें इस मृत्युलोक से पार करा देते हैं- प्रदीप मिश्रा

कितने भी ऊंचे ओहदे पर बैठ जाओ, पर अपने संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए- कौशल्या देवी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 4 अगस्त।
सिविक सेंटर स्थित जयंती स्टेडियम मैदान में आयोजित शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिन कथा स्थल पर लाखों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे। रविवार का दिन होने के कारण कथा सुनने आए भक्तों की संख्या दोगुनी रही। लोग पेड़ पर चढक़र कथा सुन रहे थे।

कथा प्रारंभ में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष दया सिंह के नेतृत्व में पवित्र पावन शिवमहापुराण कथा का दिव्य भव्य आयोजन किया गया है। संपूर्ण जगत में भिलाई नगर में सभी शिवभक्तों को यह पवित्र पावन कथा श्रवण करने का सौभाग्य मिला है। 

रविवार को कथा श्रवण करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशिल्या देवी साय, छत्तीसगढ़ शासन के डीजीपी अरूण देव गौतम, उत्तरप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद रमापति राम त्रिपाठी, देवरिया, समाजसेवी तुलिका केडिया, महापौर नीरज पाल, नगर निगम के आयुक्त राजीव पांडेय मनीष बंछोर आदि उपस्थित थे। सभी ने दया सिंह की खूब तारीफ की और इस धर्म के कार्य के लिए खूबसूरत आशीर्वाद कथा में पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव कथा एक प्रेम का प्रतीक है। 

संपूर्ण जगत में यदि सतयुग से लेकर त्रेतायुग तक, त्रेता से द्वापर, द्वापर से कलियुग तक कहीं प्रेम का वर्णन आता है तो भगवान शिव का नाम प्रथम नंबर पर आता है। 

क्योंकि जितना प्रेम भगवान शिव देते हैं, उतना ही प्रेम अपने भक्त से लेते भी हैं। आज दोस्ती के लिए दिन बना दिया गया, फ्रेंडशिप डे। एक अच्छे मित्र आपके चरित्र का निर्माण भी करता है। शिवजी हमारे सखा भी हैं और हमारे तारणहार भी हैं, जो हमें इस मृत्युलोक से पार करा देते हैं।

आज कौन सी स्त्री ऐसी होगी, जो अपने पति का सम्मान नहीं हुआ, आदर, सत्कार नहीं हुआ और अपने पिता के घर अपने प्राण त्याग देती है। एक केवल मां जगतजननी माता सती हैं, जो अपने पति देवाधिदेव महादेव का अपमान नहीं सह पाई। प्रेम जब बढ़ता है, जिससे आप स्नेह करते हो, उनका अपमान आप सह नहीं सकते। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और बीमार की चिकित्सा का खर्च उठाइए। आपसे जितना बन सकता है, यह अच्छा कर्म जरूर कीजिए। 

पंडितजी ने सीएम विष्णुदेव साय की पत्नी की भक्ति को नमन किया 
छग शासन के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशिल्या देवी साय भी उपस्थित रहीं। उन्होंने श्रावण के महीने में लाखों पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करा और साथ में बैठकर पूजन किया। इससे देशवासियों को यह प्रेरणा दी कि आप कितने भी ऊंचे आहदे पर बैठ जाओ पर अपने संस्कारों का नहीं भूलना चाहिए। पं. प्रदीप मिश्रा ने कौशिल्या देवी की पहल को नमन किया। 

शिवमहापुराण की कथा कहती है कि डॉक्टर को शिव का रूप मानकर वो जो सलाह दे उसे मानिये। यदि कोई शरीर में कोई रोग लग गया है, कष्ट आ गया तो पहले डॉक्टर के पास जाओ, इलाज करवाइए। जो दवाइयां दे उसे लें। 

कुंदकेश्वर का नाम लेकर वो दवाइयां खाना प्रारंभ कीजिये। एक तरफ दवा होगी दूसरी तरफ शिवजी की कृपा होगी तो आप स्वस्थ जरूर होंगे।


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