दुर्ग

ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर बघेरा में रक्षा बंधन व सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम
04-Aug-2025 4:37 PM
ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर बघेरा में रक्षा बंधन व सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम

साइबर फ्रॉड की जो कुंजी है कि है वह आपकी मोबाइल और लैपटॉप में है
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 4 अगस्त।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बघेरा दुर्ग के कमला दीदी सभागार में रक्षाबंधन एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि विजय अग्रवाल एसएसपी दुर्ग, ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी, ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिकगण इस आयोजन में सम्मिलित हुए।

रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ने कहा कि रक्षा बंधन में बहन अपने भाई को राखी बांधती है। बहन भाई का मुख मीठा कराती है एवं भाई बहन को खर्चा देते हैं इसका अर्थ है आज आप सभी इस आनंद सरोवर में रक्षाबंधन कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं। आज हम आपसे यह खर्ची मांगते हैं कि आपके जीवन में जो भी बुराई है उसे खर्चा के रूप में यहां छोडक़र जाने का दृढ़ संकल्प करें।

रक्षाबंधन में दो शब्द है बहुत मीठे शब्द हैं प्योरिटी और प्रोटेक्शन यह दो शब्दों से ही वास्तव में रक्षाबंधन का कनेक्शन है और आज देखिए हमको सबसे ज्यादा तंग या परेशान करने वाला कौन है। सबसे ज्यादा हमको तंग या परेशान करने वाली कौन सी चीज है, जो लगातार हमारे मन में चलती रहती है वह है हमारी ही अपनी वेस्ट थॉट्स, नेगेटिव थॉट्स नेगेटिव संस्कार इसीलिए कहते हैं कि श्रेष्ठ संस्कार श्रेष्ठ संसार का निर्माण करती है हम सब एक ऐसी दुनिया चाहते हैं, जहां सभी सुरक्षित हो आप में से जो श्रेष्ठ संसार चाहते हैं तो उसके लिए हमें अपनी

संस्कारों को श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा और संस्कारों को श्रेष्ठ बनाने की शिक्षा निराकार परमपिता परमात्मा शिव वर्तमान समय सभी मनुष्य आत्माओं को इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय के माध्यम से दे रहे हैं ।
    

विजय अग्रवाल एसएसपी. दुर्ग ने सामाजिक सुरक्षा विषय पर बोलते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा के विषय में पुलिस एक ऐसी संस्था है जो समाज की बुराइयों से लड़ती है और न चाहते हुए भी कई बार बुराइयां भी पुलिस के स्वभाव के हिस्सा बन जाती है। जब हम समाज में रहते हैं अच्छी और बुरी दोनों चीज रहती है, परंतु जब हम लोग देखते हैं व्यक्तिगत स्तर पर कि लोग सिर्फ पुलिस की बुराइयों को याद रखते हैं पुलिस की जो अच्छे काम होते हैं लगभग उसे नोटिस नही करते  हैं जहां हम लोग असफल होते हैं लोग उन्हीं चीजों को याद रखते हैं । यह सब बताने का उद्देश्य है कि हम भी इस समाज से आते हैं जिस समाज से आप आते हैं हमारी भी उतनी ही इंद्रिय है जितनी आपकी बस यह है कि जिस नौकरी में है उसे नौकरी में एक विशेष कार्य करने का दायित्व दिया है ।
एक पुलिस मैन के रूप में आज चुनौतियां बहुत बढ़ गई है जो पुराने समय के अपराध थे वह तो हो ही रहे हैं परंतु जो नए अपराध आ गए जैसे साइबर फ्रॉड आपने नाम सुना होगा यह सबसे बड़ी चुनौती है और सबसे आश्चर्य का विषय है कि फ्रॉड की जो कुंजी है कि है वह आपकी मोबाइल और लैपटॉप में है और जो प्रोडक्ट्स है सबसे पहले आपसे गलती करवाता है वह आपके हैबिट को देखता है और उस हैबिट का एनालिसिस करके आपसे गलती करवाता है।
आप कोई ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो प्रॉपर्ली लॉग आउट हुई है कि नहीं पेमेंट किया आप बटन बिना ऑफ किए मोबाइल दूसरे काम में उपयोग किया सामने कोई ब्लूटूथ डिवाइस है कोई वाईफाई डिवाइस से पूरा मोबाइल का डाटा हैक कर लेता है।
 

एक चीज और है अगर आप अच्छे अभिभावक है तो कृपया करके अपने बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट को एक बार जरूर देखिए आपको यह पता होना चाहिए कि आपका बच्चा किस दिशा में जा रहा है साइबर फ्रॉड का एक बहुत बड़ा हिस्सा बच्चों के सोशल मीडिया के प्रयोग से जो गलत असर पड़ रहा है वह भी बहुत महत्वपूर्ण है । हर घर में अभिभावक अपने बच्चों के विषय में बहुत अनभिज्ञ है और यह परिवार के बिखराव का भी कारण बन रहा है और विशेष रूप से बच्चियों पर काफी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है अगर आप बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं तो उनसे बात करिए उनकी समस्याओं को समझिए सिर्फ बात करने से ही 50त्न समस्या हल हो जाती है। बच्चा अपनी बात बोले तो सही। तीसरी चीज जो मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं जैसे आप अपने एजुकेशन में खाने-पीने में पहनने में खर्च करते हैं वैसे ही अपने घर की सुरक्षा में भी थोड़ा बहुत खर्च करिए उससे आपको मेंटल पीस भी मिलेगा और आप कहीं जाते हैं तो सुरक्षा भी सुरक्षित होगी।
मेरा इशारा सीसीटीवी को लेकर अगर आपके घर में सीसीटीवी लगा होता है और यह चीज लोगों को पता होता है तो आप यह मान लीजिए की चोरी की जो वारदातें हैं लगभग 50 फीसदी कम हो जाती है चोर उन घरों को टारगेट करते हैं ,नौकर उन घरों को टारगेट करते हैं जहां सीसीटीवी नहीं है सामाजिक सुरक्षा के लिए पारिवारिक सुरक्षा के लिए सीसीटीवी आवश्यक है। रक्षाबंधनके इस आयोजन में ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने आए हुए सभी भाई बहनों को रक्षा सूत्र बांधा, मुख मीठा कराया और मंच संचालन ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा दीदी ने किया ।


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