दुर्ग

लोक संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों का परिचायक है रिमझिम सावन मेला-सरोज
03-Aug-2025 9:55 PM
लोक संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों का परिचायक है रिमझिम सावन मेला-सरोज

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 3 अगस्त। निगम द्वारा आयोजित रिमझिम सावन मेला का शुभारंभ आज धूमधाम से हुआ। उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय के साथ विधायक गजेंद्र यादव और महापौर अलका बागमार की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और छत्तीसगढ़ी मंगल गीत से हुई। भारी संख्या में नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और युवा वर्ग की उपस्थिति ने आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया।

कार्यक्रम में 15 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। मुख्य अतिथि सरोज पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा, रिमझिम सावन मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह हमारी लोकसंस्कृति, स्वदेशी उत्पादों और सामाजिक जागरूकता का भी परिचायक है।  विधायक गजेंद्र यादव ने कहा इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को नई ऊर्जा देते हैं। रिमझिम मेला में जिस तरह नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषय को भी रचनात्मकता से जोड़ा गया है, वह सराहनीय है। महापौर अलका बाघमार ने कहा रिमझिम सावन मेला नगर की पहचान बनता जा रहा है। इसमें न सिर्फ लोकसंस्कृति का समावेश है बल्कि महिलाओं, युवाओं और स्थानीय व समूहों को मंच देने का एक सशक्त प्रयास है। इस बार विशेष रूप से नशा मुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम जोड़े गए हैं, जो इसे और भी सार्थक बनाते हैं।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय व विधायक गजेंद्र यादव व महापौर अलका बाघमार ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। हस्तनिर्मित वस्तुओं,स्थानीय खाद्य सामग्री और पारंपरिक परिधानों को देखकर उन्होंने खूब सराहना की और कुछ वस्तुओं की खरीददारी भी की। नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम मेले का विशेष आकर्षण रहा। नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रदर्शनी और वक्ताओं के माध्यम से युवाओं व आम नागरिकों को नशा छोडऩे के लिए प्रेरित किया गया। इसमें समाजसेवियों, स्कूली विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

 दिनभर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ की परंपराओं की सजीव झलक देखने को मिली। जस गीत, राऊत नाचा, सुआ नृत्य, जस गीत और पंथी नृत्य जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी, बच्चों के लिए झूले और खेल गतिविधियां, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वादिष्ट अनुभव, स्वास्थ्य जांच और नशा मुक्ति परामर्श केंद्र रहा। नगर निगम द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता व यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेला परिसर में हर आयु वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास है, जिससे यह सावन की फुहारों के बीच उल्लास और संस्कृति का अद्भुत संगम बन चुका है। कार्यक्रम में ऋचा रिकेश सेन, माया बेलचदन, उषा टावरी, चन्द्रिका चंद्राकर, गौरी सुरेंद्र कौशिक, हर्षा लोकमणी चंद्राकर, कार्यक्रम के प्रभारी हर्षिका संभव जैन, शशि साहू आदि मौजूद रहे।


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