दुर्ग

एसएसपी ने स्टेशन का किया निरीक्षण, कई खामियां मिलीं
31-Jul-2025 5:20 PM
एसएसपी ने स्टेशन का किया निरीक्षण, कई खामियां मिलीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 31 जुलाई।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे तो स्टेशन में कई खामियां गिनाई। स्टेशन में लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक करने पर स्टेशन के अंदर 36 कैमरे स्थापित हैं, जबकि कुल 48 कैमरों का प्रस्ताव था। एसएसपी ने शेष कैमरों की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि पुराने एवं अव्यवस्थित कैमरों के स्थान पर बुलेट कैमरे लगाए जाएं और लिफ्ट, सीढ़ी व एस्केलेटर जैसे स्थानों पर कैमरों की उचित ऊँचाई व स्टैंड पर सटीक स्थापना की जाए। एसएसपी श्री अग्रवाल के निरीक्षण के दौरान स्टेशन की सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर कई आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

एसएसपी ने कहा कि रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के सभी आयामों पर सघन कार्य होना आवश्यक है। तकनीक का उपयोग कर हम निगरानी को बेहतर बना सकते हैं। यह निरीक्षण यात्रियों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था की अधिक मजबूती और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। संबंधित सभी विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।

स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से पूर्व एएल आधारित फेस रिकग्निशन कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान पहले ही हो सके। उन्होंने प्रकाश व्यवस्था में सुधार के निर्देश देते हुए कहा गया कि कैमरे के पीछे लाइट हो, ताकि रिकॉर्डिंग स्पष्ट दिख सके। आरपीएफ और जीआरपी को संयुक्त रूप से टिकट काउंटरों के आसपास घूम रहे संदिग्धों की चेकिंग करने, स्थानीय पुलिस व बीडीएस के सहयोग से मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। श्री अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान आरपीएफ थाने के लॉकअप में गेट पर जाली लगाने और आरपीएफ डेस्क पर पुलिस कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने की बात कही गई।
एसएसपी श्री अग्रवाल ने कहा कि नशा करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर नशा मुक्ति केंद्र भेजने और जिला पुलिस द्वारा तैयार साइबर जागरूकता जिंगल्स को स्टेशन पर प्रसारित करने के निर्देश भी शामिल थे। एसएसपी ने जिगजैग बेरिकेड्स की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को जिले में भी अपनाया जाना चाहिए। साथ ही आरपीएफ और जीआरपी के लिए समय-समय पर साइबर अपराधों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी आवश्यकता बताई, जिससे साइबर हमलों व अपराधों से बचाव किया जा सके।
 


अन्य पोस्ट