दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 30 जुलाई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने हेतु पार्षद पीयूष मिश्रा द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
हाल ही में सेक्टर 11 स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सहायक नोडल अधिकारी द्वारा कई बीपीएल श्रेणी के गरीब बच्चों के आवेदन को मनमाने ढंग से निरस्त कर दिया गया। जब पालकों ने इसका कारण पूछना चाहा, तो उन्हें डांटा गया और धमकाया भी गया। यह गंभीर मामला पार्षद श्री मिश्रा के संज्ञान में आने पर उन्होंने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से की।
डीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार
22 अप्रैल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पात्र बच्चों को वंचित नहीं किया जाना चाहिए। 28 अप्रैल के माध्यम से यह पुन: निर्देशित किया गया कि यदि कोई पात्रता प्रमाण पत्र में त्रुटि हो तो आवेदन को पुन: खोलकर उसकी जांच की जाए। 29 जुलाई को पार्षद पीयूष मिश्रा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुन: स्पष्ट किया गया कि बिना उचित कारण किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता और आवश्यकता अनुसार पुन: जांच की जाए।
पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि गरीब समाज के हक की लड़ाई है। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और उसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी मांग की कि दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में किसी गरीब ब‘चे का शोषण न हो।


