दुर्ग

रेलवे जीएम ने दुर्ग-रायपुर रेलखंड का किया निरीक्षण
21-Jun-2025 4:02 PM
रेलवे जीएम ने दुर्ग-रायपुर रेलखंड का किया निरीक्षण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 21 जून।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने 20 जून को दुर्ग-रायपुर रेलखंड का  निरीक्षण किया। इस दौरान बिलासपुर मुख्यालय के सभी प्रधान विभाग अध्यक्ष मंडल रेल प्रबंधक रायपुर दयानंद, एसडीआर एम सहित बिलासपुर रायपुर मंडल के अधिकारी शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, सिग्नलिंग प्रणाली, और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक की स्थिति और रखरखाव की जांच की। सिग्नलिंग प्रणाली और उसकी कार्यक्षमता की समीक्षा,रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की जांच, सुरक्षा उपकरणों और उनकी कार्यक्षमता की समीक्षा की। इसको लेकर अधीनस्थ अधिकारियों से चर्चा भी की। यात्रियों की सुविधा के लिए दुर्ग स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। दुर्ग स्टेशन पर 440.85 करोड़ रुपए की लागत से री डेवलपमेंट कार्य जारी है, साथ ही मौजूद सुविधाओं के अपग्रेडेशन पर भी काम किया जा रहा है। चरणबद्ध तरीके से इन कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने दुर्ग रेलवे स्टेशन में मीडिया से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

 

उन्होंने बताया कि रेलवे की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। करोड़ों की लागत से दुर्ग स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। उसे कार्य की गति एवं कार्य का निरीक्षण किया गया है। वर्ष 2027-28 तक कार्य पूर्ण हो जाने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा को लेकर कई तरह के प्रयास किया जा रहे हैं। कोच मेंटेनेंस, स्टेशन पर यात्रियों के लिए समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ट्रेनों की लेट लतीफी पर महा प्रबंधक ने कहा कि इस जोन से लंबी दूरी की ट्रेन गुजरती है।
टाटानगर में तेज बारिश की वजह से कुछ ट्रेन लेट चल रही है वहीं कई जगह रेलवे का विस्तारीकरण कार्य चल रहा है, जिसको लेकर भी कुछ ट्रेनें लेट चल रही है। वहीं मजबूरी में कुछ ट्रेनों को रद्द भी किया गया है। हमारा प्रयास रहता है कि ट्रेनों को समय पर चलाएं। स्टेशन पर रेलवे द्वारा स्वीकृत रेल नील पानी की बोतल के बदले दूसरे कंपनी की बोतल बेचे जाने के संबंध में महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे प्रशासन द्वारा रेल नील की सप्लाई सभी जगह की जा रही है। कई बार ऐसा होता है की मांग अधिक होने पर सप्लाई नहीं हो पाती है ऐसे में कुछ ब्रांड की पानी की बोतल को रेलवे द्वारा स्वीकृत किया जाता है और रेलवे की टीम लगातार उस पर नजर रखती है।


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