दुर्ग
दावा आपत्ति लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 जून। भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी की जांच होगी, जिसके लिए संभागायुक्त द्वारा 15 दिवस के भीतर दावा आपत्ति मंगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में आवेदन लेकर किसान कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। आज भी अनेक प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन सौंपा। सुशासन तिहार के दौरान दुर्ग पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी के मामले में जांच कराने की बात कही थी।
गौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत जिला दुर्ग एवं राजनांदगांव में अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजा भुगतान में लगातार प्रभावित किसान अनियमितता की शिकायत करते आ रहे हैं। कई बार ये किसान धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। संभागायुक्त ने कहा है कि संभावित अनियमितताओं की जांच की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार यह कार्रवाई व्यापक लोकहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
जनता एवं प्रभावित कृषकों/भूमि स्वामियों को कहा गया है कि जिला दुर्ग अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग एवं पाटन में अधिग्रहित की गई भूमि की सूची की जानकारी कलेक्टर कार्यालय जिला दुर्ग की वेबसाईट में एवं जिला राजनांदगांव अन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजनांदगांव में अधिग्रहित की गई भूमि की सूची की जानकारी कार्यालय कलेक्टर जिला राजनांदगांव की वेबसाईट में प्रकाशन किया गया है। यदि किसी व्यक्ति को मुआवजा प्रक्रिया से संबंधित कोई शिकायत या दावा/आपत्ति प्रस्तुत करनी है, तो वह 15 दिवस के भीतर संभागायुक्त कार्यालय दुर्ग संभाग, अथवा संबंधित कलेक्टर कार्यालय (दुर्ग/राजनांदगांव) में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्नम प्रस्तावित इकॉनामिक कॉरिडोर में भू-अर्जन मुआवजा राशि में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब दुर्ग व राजनांदगांव जिले में अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में हुई अनियमितता के संबंध में भी नए सिरे दावा-आपत्ति व शिकायतें मंगाई गई हैं। जिले में लंबे समय से भूमि अधिग्रहण व मुआवजा निर्धारण में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं।
दुर्ग-रायपुर बायपास के लिए भूअर्जन-भारतमाला परियोजना के अंतर्गत दुर्ग-रायपुर सिक्स फोरलेन बायपास सडक़ निर्माण के लिए राजनांदगांव तहसील के 2, दुर्ग के 12, पाटन के 13, अभनपुर के 16 और आरंग तहसील के 8 गांवों में भू-अर्जन किया गया है। किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में नियम-कानूनों की व्यापक अनदेखी की गई है। लगातार आवेदन के बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर कुछ सप्ताह पहले किसानों ने कार्य स्थल पर काम रोकने प्रदर्शन किए थे, तब प्रदर्शन कर रहे अनेक किसान गिरफ्तार भी किए गए थे अब नए सिरे दावा-आपत्ति मंगाए जाने के बाद किसानों को मामले जांच की उम्मीद जागी है।
गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्नम सिक्सलेन कॉरिडोर में करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपए का मुआवजा घोटाला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में मुआवजा वितरण की जांच चल रही है। सभी संभागायुक्तों से रिपोर्ट मांगी गई थी और वेबसाइट में उसे अपलोड करने कहा गया था। मामला जांच के लिए ईओडब्ल्यू-एसीबी को सौंपा गया है। सुशासन तिहार के दौरान जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले में हुई गड़बड़ी जांच ईओडब्ल्यू को सौंपने की बात कही थी।


