दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 2 जून। श्री मंगल मूर्ति मारुति यज्ञ सेवा समिति नारायण धाम, घुघुवा के तत्वावधान में ग्राम पहंडोर में सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें आचार्य पवन द्विवेदी द्वारा यज्ञ की महत्ता एवं उसके संवर्धन हेतु समस्त ग्रामीण जनों को एकजुट होकर आत्मकल्याण के लिए भगवान यज्ञ की सेवा में जुडऩे के लिए आव्हान किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी में संस्कारों का अभाव हमारी अधार्मिक विचारधारा ही फल है जिस पर सुधार केवल धर्म से जुडऩे पर ही संभव है और भगवान यज्ञ की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जनमानस के लिए छत्तीसगढ़ी लोक विधा पंडवानी का आयोजन भी किया गया। जिसमें पंडवानी गायक दुष्यंत शर्मा द्वारा सत्संग की महिमा एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए मनोरंजक ढंग से महाभारत के प्रसंगों द्वारा धार्मिक अभिरुचि पैदा करते हुए कथा का रसपान कराया गया। आयोजन में मुख्य रूप से पं. गजानंद अवस्थी, जितेन्द्र मढरिया, ग्राम की सरपंच माया गजेन्द्र मढरिया, उपसरपंच गजेन्द्र वर्मा एवं समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में यज्ञ समिति की ओर से गंगा राम साहू, धर्मेंद्र वर्मा, ओगीराम साहू, दीपक शर्मा एवं धर्मेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।


