दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 30 मई। धान के समर्थन मूल्य पर केन्द्र सरकार द्वारा अब तक की सबसे कम वृद्धि से भाजपा का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। जिला कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष रिवेन्द्र यादव ने खरीफ वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा धान के समर्थन मूल्य पर मात्र 3 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने पर यह बात कही। उन्होंने इसे केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा किसानों के साथ अन्याय बताया।
श्री यादव ने केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2006-07 से अब तक वर्ष वार समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का आंकड़ा रखते हुए कहा कि खरीफ वर्ष 2025- 26 में धान के समर्थन मूल्य में मात्र 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो पिछले 20 सालों में सबसे कम वृद्धि है, जबकि कृषि कार्य में खाद ,बीज एवं मजदूरी की लागत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी में9 प्रतिशत वृद्धि हुई, जिससे सहज अंदाज लगाया जा सकता इस बार मजदूरी और ज्यादा बढ़ेगी।
उनके द्वारा पिछले 20 सालों में धान के समर्थन मूल्य का आंकड़ा रखते हुए बताया गया कि सबसे ज्यादा 15.74 प्रतिशत की वृद्धि वर्ष 2012-13 में हुई थी। इसी प्रकार वर्ष 2007-08 एवं 2008-9 में क्रमश: 14.61 एवं 14 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। वर्ष 2009-10 में 11.76 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, मगर केन्द्र में भाजपा की सरकार आने के बाद से वर्ष 2018-19 को छोड़ अन्य वर्षों में धान के समर्थन मूल्य में बहुत कम वृद्धि की गई और इस बार अब तक की सबसे कम वृद्धि से उसके किसान विरोधी नीति का पोल खुल गया है।


