दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 24 मई। मासूम बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा दी है। चतुर्थ एफटीसी अनीश दुबे की कोर्ट ने आरोपी दुर्गेश निर्मलकर को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न दे पाने पर 1 वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 506 (2) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूप वर्षा दिल्लीवार ने पैरवी की थी।
बाम्बे आवास उरला थाना मोहन नगर निवासी पीडि़ता ने 14 अगस्त 2023 को थाना में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 23 वर्ष का है एवं छोटा बेटा 5 साल 10 माह का है। पीडि़ता और उसका बड़ा बेटा रोजी मजदूरी करने के लिए दिन में घर से बाहर रहते हैं। छोटा बच्चा स्कूल से आने के बाद घर पर ही अकेला रहता है। विशेष लोक अभियोजक रूप वर्षा दिल्ली वार ने बताया कि 8 अगस्त को भी बालक घर में अकेला था।
इसी दौरान दोपहर को आरोपी दुर्गेश निर्मलकर उर्फ भुरु उसके घर में जबरन घुस गया। इसके बाद उसने बालक को डरा धमका कर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया एवं बच्चे को डराते हुए कहा कि यह बात किसी को नहीं बताना। शाम को जब रोजी मजदूरी कर पीडि़ता घर गई तो बच्चा डरा सहमा हुआ था। जब पीडि़ता ने उसे पूछा तब बच्चे ने आपबीती बताई और कहा कि इससे पूर्व भी कई बार आरोपी घर में जाकर उसके साथ गलत हरकत करता है और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता है। जानकारी मिलते ही पीडि़ता ने इसकी शिकायत मोहन नगर थाना में की थी।


