दुर्ग
सीमांकन नहीं करने व अतिक्रमण की शिकायतें ज्यादा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 20 मई। सुशासन तिहार में आवेदनों का निराकरण के दावे के बीच जनदर्शन में ज्ञापन सौंपने वालों की आज भारी भीड़ रही। कलेक्टर जनदर्शन में आज जन सामान्य से कुल 182 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सीमांकन नहीं करने व अतिक्रमण की शिकायत संबंधी अनेक आवेदन शामिल है।
ग्राम रूही पाटन निवासी उमाबाई सिंगौर पति रोशन ने बताया कि रूही में मां राधा स्वसहायता समूह द्वारा बटेर पालन हेतु लोन लेकर 1500 नग बटेर का पालन किया जा रहा था। जिसका संचालन महिला समूह अध्यक्ष के रूप में स्वयं द्वारा किया जा रहा था। 1 मई को आंधी-तूफान आने से उक्त बटेर पालन के लिए बनाये गये शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण उसमे पलित 1500 नग बटेर में से 1100 नग बटेर दबकर मर गये तथा बाकी उड़ गए हैं। जिसके कारण उन्हें आर्थिक क्षति हुई है। जिसके लिये उन्होंने क्षतिपूर्ती राशि दिलाकर राहत पहुंचाने मांग की है ताकि उनके समूह द्वारा किये जा रहा बटेर का पालन का कार्य समुचित रूप से संचालित होती रहे।
इसी प्रकार अनिल चौबे ने बताया कि उनका राजीव नगर वार्ड 4 स्थित मकान आंधी, बारिश ढह गया है जो रहने लायक नहीं है। उन्होंने मांग की है कि निरीक्षण पश्चात जल्द आश्रय प्रदान करते हुए 150000 रुपए क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए। वहीं बोरी तहसील अंतर्गत ग्राम मडियापार निवासी गनपत लाल धानकर पिता बुधारू धानकर ने बताया कि ग्राम मडियापार तहसील बोरी जिला दुर्ग में स्थित खसरा नंबर-307/3 रकबा 0.46 है. राजस्व अभिलेखा में दर्ज है।
तहसीलदार कार्यालय बोरी में जिसका सीमांकन करने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें तहसीलदार द्वारा मार्क किया गया है। इसके उपरांत आर.आई./ पटवारी द्वारा सीमांकन करने में आनाकानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उक्त वर्णित जमीन पर आम रास्ता बना दिया गया है, जिसके कारण उनकी जमीन में कमी आने के कारण वे सीमांकन कराना चाहते हैं।


