दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुम्हारी, 19 मई। ऋतंभरा साहित्य समिति के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन प्रेस क्लब सभागार कुम्हारी में किया गया। अतिथियों द्वारा भारत माता और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अंचल के प्रसिद्ध जस गीतकार उभयराम साहू बहती दरिया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि मीना वर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका कुम्हारी ने देश की सेना के सम्मान में आयोजित इस गोष्ठी की सराहना करते हुए सेना के शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज को दिशा देने वाले रचनाकारों और पत्रकारों के लिए बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा और पालिका की ओर से उनकी समस्याओं का हर संभव निदान किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने तीन कवियों संस्था अध्यक्ष नारायण वर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम शाह ठाकुर, कार्यकारिणी सदस्य ओमवीर करन को जन्मदिन के अवसर पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ऋतंभरा साहित्य समिति की ओर से तीनों कवियों के जन्मदिन पर केक काटा गया तथा उन्हें शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न, कलम, साहित्य सामग्री भेंटकर सम्मानित किया गया। ऋतंभरा साहित्य समिति के अध्यक्ष नारायण वर्मा ने भारत माता को समर्पित अपनी मार्मिक और संवेदनशील कविता माँ का पाठ किया। कविता के माध्यम से उन्होंने भटके हुए नौजवानों को मुख्यधारा में शामिल होने का संदेश दिया कि हम ऐसा कोई कार्य न करें जिससे माँ को शर्मिन्दा होना पड़े। प्रेस क्लब के सहयोग से आयोजित इस गोष्ठी को क्लब के अध्यक्ष विक्रम शाह ठाकुर ने संबोधित करते कहा कि साहित्य और पत्रकारिता एक दूसरे के पूरक हैं। ऋतंभरा साहित्य समिति तीन दशकों से रचनाकारों को मंच प्रदान कर सतत् साहित्य सेवा कर रही है। इस संस्था ने कई रचनाकारों को हीरे के रुप में तराशा है और उन्हें पहचान दी है। विशेष अतिथि रंगकर्मी और लोकमया संस्था के अध्यक्ष महेश वर्मा ने सामयिक छत्तीसगढ़ी कविता टघलत डामर रोड की प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ी गीतकार हेमलाल साहू निर्मोही ने गोष्ठी को संबोधित कर मंच को ऊंचाई दी। उन्होंने देश के अनेक शहरों में छत्तीसगढ़ी कविताओं का पाठ कर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है।


