दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 15 मई। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 132(2) के अधीन बनाए गये छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम सीमा से निर्यात किए गए माल पर सीमा कर निर्धारण एवं संग्रहण नियम 1996 के अधीन सीमा कर की राशि निगम कोष में जमा करना होता है। जो भी उद्योग या संस्था यहां पर निर्मित सामग्री का विक्रय सडक़ के माध्यम से अन्य जगहो के लिए करता है। तो उसे नियमानुसार निर्यात कर संबंधित निकाय क्षेत्र में जमा करना होता है। इन सामग्री के विक्रय पर अनाज/कृषि/कपड़े/लोहा पर 0.10 प्रतिशत, बिल्डिंग मटेरियल/हार्डवेयर पर 0.20 प्रतिशत, फल/ साबुन/ सोडा/ फर्नीचर पर 0.25 प्रतिशत, मसाले/इलेक्ट्रानिक/मोटर वाहन सामग्री/इमारती लकड़ी पर 0.50 प्रतिशत एवं शराब/बियर/अफीम पर 1.00 प्रतिशत निर्यात कर के रूप में निगम कोष में जमा किया जाना होता है। निगम भिलाई द्वारा ऐसे सभी संस्थाओं को जिनके द्वारा सामग्री निर्यात की जा रही है। उनको नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब उनके द्वारा वास्तविक रूप से नहीं दिया गया है। जबकि आयकर विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार संस्थाओं द्वारा अपने संस्था से निर्मित उत्पाद को भिलाई सीमा क्षेत्र से बाहर भेजा जा रहा है। उन सब पर निर्यात कर जमा करने का नियम प्रभावशील है। सभी संस्थाओं को नगर निगम अधिनियम 1996 के अधीन सीमा कर की राशि 15 दिवस के भीतर निगम कोष में जमा करने का अंतिम नोटिस दिया गया है। अन्यथा जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र, जी.एस.टी. विभाग, पर्यावरण संरक्षण विभाग एवं कार्यालयीन जानकारी अनुसार नगर निगम भिलाई को देय सीमा कर की राशि तथा 5 प्रतिशत अधिभार की नियमानुसार गणना की जावेगी। उसके पश्चात संस्था की चल/अचल संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी की कार्यवाही करते हुए सीमा कर वसूली की कार्यवाही की जावेगी।
इसके नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता आर.एस.राजपूत को बनाया गया है। उनके अधिनस्त जोन के प्रभारी राजस्व अधिकारी अपने दल के साथ संस्थाओं में जाकर नोटिस तामिल करवा रहे है।


