दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 12 मई। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स भिलाई छत्तीसगढ़ दुर्ग एवं भिलाई के व्यवसायिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जिला उद्योग केंद्र, दुर्ग द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का विषय था ‘आयात-निर्यात के अवसर और वैश्विक व्यापार की संभावनाएं’।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य था स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स और व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की प्रक्रियाओं, नीतियों, अवसरों और आवश्यकताओं से अवगत कराना।
इस कार्यशाला में डॉ. के. रंगराजन, प्रोफेसर एवं केंद्र प्रमुख, ढ्ढढ्ढस्नञ्ज कोलकाता कैंपस, संस्थापक – सेंटर फॉर रूस्रूश्व स्टडीज सुमन दास, कोऑर्डिनेटर, ढ्ढढ्ढस्नञ्ज (भारतीय विदेश व्यापार संस्थान-वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान) कार्यक्रम की विशेष उपस्थिति और मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने इसे एक नई ऊंचाई प्रदान की।
उन्होंने कहा: दुर्ग और भिलाई जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोडऩे के लिए ऐसी कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं। यह आयोजन युवाओं, स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों को वैश्विक व्यापार के लिए तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
आयोजन टीम में शामिल तुषार त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र, दुर्ग प्रमुख रूप से जितेंद्र प्रसाद गुप्ता, अध्यक्ष, उद्योग महेश बंसल, कार्यकारी अध्यक्ष, चैंबर के.एस. बेदी, वरिष्ठ सदस्य अजय भसीन, प्रदेश महामंत्री, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यशाला में बड़ी संख्या में दुर्ग और भिलाई के व्यापारी, स्टार्टअप संस्थापक, और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक और मार्गदर्शक बताया।


