दुर्ग
कुम्हारी, 5 जनवरी। ऋतंभरा साहित्य समिति के तत्वावधान में कवियों के मध्य स्वागत 2022 का आयोजन प्रेस क्लब परिसर कुम्हारी में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्यप्रकाश सिंह कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपनी कविताओं से मंच को ऊंचाई दी। समिति के अध्यक्ष नारायण वर्मा ने नववर्ष 2022 के मंगलमय होने की कामना करते हुए हिन्दी और छत्तीसगढ़ी में कविता का पाठ किया।
सुरेश वाहने ने देश से हो कचरा साफ शीर्षक कविता से सफेदपोशों पर निशाना साधा, वहीं रंगकर्मी व उद्घोषक महेश वर्मा ने छोटी-छोटी लघुकथाओं से जीवन के मर्म को समझाया।
रविन्द्र कुमार थापा ने हिन्दी में गंभीर और जरूरी कविता से मंच को रूबरू कराया लखनलाल साहू ने भाईचारा को समय की जरूरत बताते हुए बेहतरीन गीत तरन्नुम में प्रस्तुत किया।
भिलाई से पधारे हाजी रियाज खान गौहर अपने उत्कृष्ट गज़़ल से तालियां बटोरने में सफल रहे तो चिंतामणि साहू ने आध्यात्मिक कविता से पाखंड पर व्यंग्य कसा। रामाधार शर्मा की चुटीली व्यंग्य क्षणिकाओं ने सबका ध्यान आकर्षित किया।
बिसरूराम कुर्रे ने छत्तीसगढ़ी व्यंग्य रचना से गुदगुदी पैदा की, तो वहीं रज्जाक अहमद ने चिरपरिचित अंदाज में भजन से माहौल को खुशनुमा बना दिया। युवा कवि रघुनाथ देशमुख और कामता प्रसाद दिवाकर की कविताएँ भी मंच से सराही गई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए नरेश विश्वकर्मा ने श्रृंगारिक रचना पढ़ी। अंत में विक्रमशाह ठाकुर ने सभी कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


