दुर्ग

‘जब उत्पादन में बराबर की भागीदारी तो फिर बोनस क्यों नहीं’
10-Oct-2021 6:13 PM
‘जब उत्पादन में बराबर की भागीदारी तो फिर बोनस क्यों नहीं’

बीएसपी के हजारों ठेका मजदूर खफा, आंदोलन की बन रही रूपरेखा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भिलाई नगर, 10 अक्टूबर। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों को दीपावली पूर्व बोनस देने की घोषणा कर दी है जिसके बाद हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन के बैनर तले बीएसपी के हजारों ठेका श्रमिकों ने मैनेजमेंट पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए बोनस और वेतन बढ़ोत्तरी करने आवाज बुलंद कर दी है।

सीटू के महासचिव योगेश सोनी ने कल हुई बैठक में साफ कह दिया कि यदि उनकी मांगें बीएसपी प्रबंधन ने नहीं मानी तो वह लोग आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। उनका कहना है कि यदि हमारी उत्पादन में बराबर की भागीदारी है तो हमें बोनस क्यों नहीं दिया जा रहा है?

सीटू के महासचिव ने कहा कि कम से कम 30 दिनों की ड्यूटी पर मिलने वाले वेतन पर ठेका श्रमिक को 8.33 प्रतिशत बोनस भुगतान का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अकुशल श्रमिक 373 प्रतिदिन म26 हाजिरी म12 माह पर 9 हजार 720 रुपए बोनस का हकदार है। अतिकुशल श्रमिक न्यूनतम मजदूरी 459 प्रतिदिन म 26 हाजिरी म 12 माह के आधार पर 11 हजार 929 रुपए बोनस पाने का हकदार है। ठेका श्रमिकों को नियम के मुताबिक साल भर के वेतन का 8.33 फीसदी बोनस मिलना चाहिए। इस आधार पर यदि किसी श्रमिक का साल में एक लाख रुपए वेतन बनता है तो उन्हें 8 हजार 333 रुपए बोनस मिलना चाहिए।

सीटू ने भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करने वाले ठेकेदारों पर श्रमिकों का हक मारने का आरोप लगाया है। बताया गया कि ठेकेदार हाजिरी में गड़बड़ी कर बोनस भुगतान में गड़बड़ी करते हैं। ऐसा करके वह मनमाने तरीके से श्रमिकों को मात्र एक से पांच हजार तक ही बोनस का भुगतान करते हैं। हिन्दुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन सीटू के पदाधिकारी व कार्यकरणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि ठेका श्रमिकों को त्यौहार पूर्व बोनस न मिला तो वह आंदोलन तेज करेंगे। इसके साथ ही एनजेसीएस की बैठक में ठेका श्रमिकों को सम्मानजनक वेतनमान देने दबाव बनाया जाएगा।

 ठेका श्रमिकों को भी नाइट ड्यूटी करने पर भत्ता देने, ठेकेदारों द्वारा हाजिरी में गड़बड़ी पर रोक लगाने, बायोमेट्रिक्स सिस्टम लागू करने, रिवर्स ऑक्शन सिस्टम पर रोक लगाने, ठेका श्रमिकों की बेवजह छटनी पर रोक लगाने जैसी मांगों को मनवाने प्रबंधन पर दबाव बनाया जाएगा। बैठक में यूनियन के अध्यक्ष शांतनु मरकाम समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।


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