दुर्ग

जलाशयों से नहर में छोड़ा गया पानी
03-Oct-2021 6:51 PM
  जलाशयों से नहर में छोड़ा गया पानी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 3 अक्टूबर। सितंबर माह के आखिरी पखवाड़े में हुई जोरदार बारिश के बाद जलाशयों में जलभराव की स्थिति बेहतर हुई है। इससे खरीफ की फसलों में सिंचाई को लेकर जो समस्या बनी हुई थी वह अब दूर हो गई है। जल संसाधन विभाग ने भी बेहतर जलभराव होने के पश्चात शुक्रवार से तांदुला मुख्य नहर सहित विभिन्न जलाशयों से धान की फसलों में सिंचाई के लिए नहर में पानी छोड़ दिया है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारी के अनुसार तांदुला जलाशय से नहर में शुक्रवार को शुरू में 600 क्यूसेक पानी छोडऩा शुरू किया गया। इसके पश्चात इसे 500 क्यूसेक तक जारी रखा गया था, मगर बीती रात हुई जोरदार बारिश के पश्चात छोड़े जा रहे पानी की मात्रा कम कर अब 300 क्यूसेक कर दिया गया है. विभाग के अधिकारियों की माने तो जलाशयों में निस्तारी व पेयजल के लिए अब पर्याप्त जलभराव हो चुका है। वहीं किसानों को भी सिंचाई के लिए अब पानी उपलब्ध कराने की स्थिति में है।

 जानकारी के अनुसार तांदुला जलाशय में जलभराव अब 65 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं खपरी जलाशय में भी 85 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। जिले में संभावित औसत वर्षा के आसपास बारिश हो चुकी है। आज की स्थिति में कुल 1007.6 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है जो कि सामान्य औसत वर्षा से अधिक है। वहीं यह जिले की संभावित औसत वर्षा 1123.7 मिलीमीटर से मात्र 116 मिलीमीटर कम है।

पाटन विकासखंड में तो इस वर्ष की संभावित औसत वर्षा से भी अधिक बारिश हो चुकी है। क्षेत्र में अब तक 1233 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है जो कि पाटन विकासखंड में इस वर्ष के संभावित औसत बारिश 1208.4 मिलीमीटर से भी अधिक है।

जानकारी के मुताबिक जिले में इस साल किसानों ने लगभग 1 लाख 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल ली है. इनमें से लगभग 50000 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरों के माध्यम से सिंचाई होती है. इन क्षेत्रों में लिए गए फसलों की तांदुला जलाशय से छोड़े गए पानी से अब सिंचाई पूरी हो जाएगी। उप संचालक कृषि एस.एस. राजपूत के अनुसार सभी एनीकट, चेक डैम, स्टॉप डेम एवं जलाशयों में लबालब पानी का भराव हो चुका है। इससे भी किसान फसलों में पानी की सिंचाई कर रहे हैं. उनका कहना है कि जिले में अब सिंचाई को लेकर समस्या लगभग दूर हो चुकी है।


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