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ईएसआईसी के माध्यम से केंद्रीय मंत्री ने किया उजागर
रायपुर, 27 फरवरी। ईएसआईसी ने बताया कि श्रम संहिताओं ने श्रमिक कल्याण के लिए स्वास्थ्य प्रावधानों को मजबूत किया, डॉ. मांडविया ने 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए ईएसआईसी के माध्यम से मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जाँच का प्रावधान उजागर किया।
ईएसआईसी ने बताया कि अपने 75 वर्ष की सेवा के उत्सव का शुभारंभ किया, जो देश भर में श्रमिकों और उनके परिवारों को समर्पित सात दशकों से अधिक की सेवा का प्रतीक है। इस अवसर पर श्री एन. के. प्रेमचंद्रन, लोकसभा सांसद; सुश्री वंदना गुरनानी, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव; श्री रमेश कृष्णमूर्ति, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त; सुश्री मिचिको मियामोटो, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के दक्षिण एशिया के लिए डीसेंट वर्क तकनीकी समर्थन टीम और भारत देश कार्यालय की निदेशक; तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, ईएसआईसी और ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
डॉ. मनसुख मांडविया ने इस संस्था की यात्रा को विकास, सुधार और राष्ट्र सेवा का उल्लेखनीय उदाहरण बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि ईएसआईसी ने 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एकल दवाखाने के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी, और आज यह 166 अस्पतालों, 17 चिकित्सा महाविद्यालयों और लगभग 1,600 दवाखानों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है। ईएसआईसी के विकास की तुलना एक बच्चे के परिपक्व और जिम्मेदार समाज सदस्य बनने से करते हुए यह संगठन बदलते समय के अनुरूप निरंतर रूप से सुधार और मजबूती की ओर अग्रसर रहा है, और आज देश में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुका है।


