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आधुनिक तकनीक से एंजियोप्लास्टी के बेहतर परिणामों पर विस्तृत मंथन
भोपाल, 30 जनवरी। एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, ने बताया कि सीडीईई और सीसीओएन भोपाल 2025 के अंतर्गत आयोजित प्रतिष्ठित शैक्षणिक कार्यक्रम आईयूवीएस सीसीओएन- लेर्नफ्राम द मॅास्टर का भव्य आयोजन रविवार, 18 जनवरी 2026 को होटल मैरियट, भोपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम सेंट्रल इंडिया में इंट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड (आईयूवीएस ) जैसी अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित अपनी तरह की पहली महत्वपूर्ण कार्यशाला रहा।
हॉस्पिटल ने बताया कि इस आईयूवीएस कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 55 अनुभवी कार्डियोलॉजिस्टों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान लगभग 11 जटिल क्लिनिकल मामलों की प्रस्तुति दी गई, जिनमें एंजियोप्लास्टी के दौरान आईयूवीएस तकनीक के प्रभावी उपयोग, सटीक स्टेंट प्लेसमेंट तथा मरीजों के दीर्घकालिक बेहतर परिणामों पर गहन चर्चा की गई।
हॉस्पिटल ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्डियोलॉजिस्टों को एंजियोप्लास्टी के दौरान नई और उन्नत आईयूवीएस तकनीक की उपयोगिता से अवगत कराना तथा उन्हें इसके व्यावहारिक उपयोग का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान करना था, ताकि हार्ट पेशेंट्स के उपचार को और अधिक सुरक्षित, सटीक एवं प्रभावी बनाया जा सके।
हॉस्पिटल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम में एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्नेहिल गोस्वामी को विशेष रूप से गेस्ट फैकल्टी एवं आईयूवीएस एक्सपर्ट के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. गोस्वामी ने तकनीक के क्लिनिकल अनुप्रयोग, इसकी वैज्ञानिक महत्ता तथा जटिल कोरोनरी मामलों में इसके उपयोग से मरीजों के बेहतर क्लिनिकल आउटकम पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. स्नेहिल गोस्वामी ने अपने सत्र के दौरान बताया कि किस प्रकार तकनीक एंजियोप्लास्टी को अधिक प्रिसाइस, सेफ और रिज़ल्ट-ओरिएंटेड बनाती है।


