बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 16 मई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों, उर्वरक उपलब्धता, महंगाई और ईंधन संकट जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की देशवासियों से की गई अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों से उर्वरकों के उपयोग में कमी की अपील की गई है, जबकि देश में पिछले कई वर्षों से उर्वरक की कमी की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, जबकि अब तक लगभग 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंचा है।
उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्क फ्रॉम होम जैसी सलाह दिए जाने से फील्ड में काम करने वाले और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कथन ‘आराम हराम है ’ का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। सोने की कीमतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2013 की तुलना में वर्ष 2026 में कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कीमतों तथा पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए करों का भी मुद्दा उठाया। शुक्ला ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर करों के माध्यम से बड़ी राशि वसूली है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं तथा कमर्शियल गैस की उपलब्धता प्रभावित होने से कुछ उद्योगों पर असर पड़ा है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने और संकट की स्थितियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं को ईंधन बचत संबंधी अपीलों पर स्वयं अमल करना चाहिए।
प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


